स्पाइनल क्षयरोग से ग्रसित 32 वर्षीय महिला को प्रिंटेड कृत्रिम वर्टिब्रे से नई जिंदगी दी गई। मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों ने सफल सर्जरी स्पाइनल रिकंस्ट्रक्शन पूरा करते हुए इस महिला मरीज को दोबारा से चल पाने के काबिल बनाया।
डॉक्टरों की एक टीम ने मरीज के पहले तथा चौथे सर्वाइकल वर्टिब्रे के बीच का फासला मिटाने के लिए क्षतिग्रस्त वर्टिब्रे के स्थान एक 3डी प्रिंटेड टाइटेनियम वर्टिब्रे लगाई। मरीज स्टेरॉयड के अधिक सेवन की वजह से क्षय रोग से पीड़ित थीं।
इससे इनकी प्रतिरक्षण क्षमता घट चुकी थी और 10 अलग-अलग रीढ़ के जोड़ में टीबी हो गई थी। पहले से तीसरे तक रीढ़ का जोड़ गंभीर रूप से इतना क्षतिग्रस्त हो चुका था कि सिर एवं निचले रीढ़ के जोड़ के बीच कोई हड्डी का सहारा नहीं रहा।