ग्रीन पटाखे बाजार में उपलब्ध नहीं होने से नाराज व्यापारियों ने विरोध जताने का नायाब तरीका ढूंढ निकाला है। व्यापारियों ने अलग-अलग हरी सब्जियों को ग्रीन पटाखे का नाम देकर बाजार में बेचकर विरोध दर्ज कराया।
सदर बाजार पटाखा विक्रेता संघ के हरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि यह पहली बार सुनने में आया है कि इस तरह के भी पटाखे होते हैं। हमने तो आलू बम बनाया है। भिंडी बम बनाया है, शिमला मिर्च बम, प्याज चकरी बनाया है। अनोखे अंदाज में छाबड़ा हरी सब्जियों को बम के रूप में प्रदर्शित कर सांकेतिक विरोध कर रहे है।
भिंडी बम में भिंडी की लड़ियों की तरह दिखाया है तो चकरी के रूप में प्याज के छिलके उतारकर बेच रहे रहे है। छाबड़ा ग्राहकों को ग्रीन पटाखे का मतलब भी बता रहे है। छाबड़ा कहते है कि 15 साल से पटाखे की बिक्री कर रहे हैं, लेकिन अब तक ग्रीन पटाखे बेचने का मतलब नहीं समझ पा रहे है। उन्होंने मूली बम भी बनाया है। खास बात यह भी है कि ग्राहक भी उनसे पूछ रहे है कि ग्रीन पटाखे होते क्या हैं।