पंजाब और हरियाणा में जलाई जाने वाली पराली ही नहीं, राजधानी की आबोहवा कूड़े के ढेर में लगी आग भी बिगाड़ रही है। प्रदूषण स्तर बढ़ने के साथ ही दमकल विभाग के पास कूड़ा जलने की कॉल भी बढ़ गई हैं। अक्तूबर के शुरुआती 20 दिनों में ही 464 कॉल की गईं, जबकि आम दिनों में इनकी संख्या बेहद कम होती है।
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली की तीनों लैंडफिल साइट गाजीपुर, भलस्वा और ओखला में आम दिनों में कूड़े में आग लगी ही रहती हैं। इससे सर्दियों में लैंडफिल साइट्स के आसपास कई किलोमीटर दूर तक धुएं के बादल छा जाते हैं। वहीं, कच्ची कॉलोनियों में खाली प्लाट में डलने वाले कूड़े में शरारती लोग आग लगा देते हैं।
विभाग के मुताबिक, 15 अक्तूबर के बाद अचानक कूड़े में आग की कॉल बढ़ी हैं। 15 अक्तूबर को 26 कॉल, 16 को 44, 17 को 30 कॉल आई। वहीं, 18,19 और 20 अक्तूबर को क्रमश: 34, 43 और 59 कॉल की गईं। दमकल विभाग के पास आम दिनों में पहले औसतन 60 से 70 कॉल (इसमें सभी तरह की कॉल शामिल हैं) आ रही थीं। कूड़े में आग लगने के कारण कुल कॉल का आंकड़ा 100 से 110 तक पहुंच गया है।
प्रतिबंध के बाद भी नहीं मानते लोग
राजधानी में कूड़ा जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। बावजूद, लोग कूड़े से निपटने के लिए उसमें आग लगाना आसान हल समझते हैं, लेकिन इससे आबोहवा खराब हो जाती है। एनजीटी का आदेश है कि कूड़ा जलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए और उन पर जुर्माना लगाया जाए। दिल्ली नगर निगम और जिला प्रशासन कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करता है।
कूड़े में आग लगाने वालों से ऐसे निपटते हैं विभाग
. तीनों नगर निगम में कूड़ा जलाने और मलबा डालने वालों से निपटने के लिए 30-30 टीमों का गठन किया।
. जिला प्रशासन की टीमें अलग से करती हैं कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई।
. जिला व निगम की टीमें नाइट पेट्रोलिंग भी कर कूड़ा जलाने वालों पर रखती नजर।
. कूड़ा जलाते हुए पकड़े जाने पर 500 से 5000 हजार तक का किया जाता है जुर्माना।
. आम लोगों से जागरूक रहने की अपील की जाती है और कूड़ा जलाने वालों की सूचना देने की भी अपील।
इस साल कूड़े में आग लगने की इतनी कॉल
. जनवरी : 138
. फरवरी : 230
. मार्च : 105
. अप्रैल : 215
. मई : 362
. जून : 159
. जुलाई : 76
. अगस्त : 43
. सितंबर : 246
. अक्तूबर : 464
नोट : अक्तूबर में आंकड़ा एक से 20 तारीख तक है।
इस माह इन दिनों में सबसे अधिक कॉल
तारीख कॉल
15 26
16 44
17 30
18 34
19 43
20 59
दमकल विभाग की स्थिति
- 250 गाड़ियां दमकल विभाग के पास हैं।
- 60 दमकल केंद्र राजधानी में हैं।
- 2000 कर्मियों की दमकल विभाग में तैनाती
प्रदूषण बढ़ने के साथ ही लोग कूड़े में लगने वाली आग को लेकर ज्यादा सतर्क हो जाते हैं और दमकल विभाग को कॉल कर देते हैं। इसकी वजह से अक्तूबर और नवंबर में कॉल का
आंकड़ा बढ़ता है। दमकल विभाग इन पर तत्काल कार्रवाई करता है।
- अतुल गर्ग, निदेशक-दिल्ली दमकल विभाग