देर रात तक लैब और वार्डों में सफाई का काम चल रहा था। इसलिए घटना की वजह और नुकसान के बारे में जानकारी नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह निरीक्षण के बाद ही पता चलेगा कि घटना में कितना नुकसान हुआ है। चूंकि लैब में करोड़ों रुपये की मशीनें भी लगी हुई हैं। पानी जाने से इन मशीनों पर क्या असर हुआ है? इसके बारे में भी तभी पता चल सकेगा।
आग पर आग, जिम्मेदार बेपरवाह
एम्स में आग लगने की घटना नई नहीं है। पिछले वर्ष 17 अगस्त को एम्स में भीषण आग लगने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद आज तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले मार्च 2019 में एम्स के ट्रामा सेंटर में आग लगने से पांच ऑपरेशन थियेटर जल गए थे।
इस घटना में भी प्रबंधन ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। इन दोनों ही घटनाओं के बाद औचक निरीक्षण, विभागों को गाइडलाइन इत्यादि जारी करने जैसे तर्क ही एम्स प्रबंधन देता रहा। जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर एम्स प्रबंधन अभी भी खामोश है। इन दो बड़ी आग के अलावा भी पिछले दो वर्ष के भीतर पांच शॉर्ट सर्किट की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।