दिल्ली में आग का कहर जारी है। बीते दो दिनों में एक के बाद एक कई ऐसी घटनाएं सामने आईं जिनमें आग लगने की वजह से किसी न किसी की जान गई हो।
गर्मी आते ही आग की घटनाओं में अचानक इजाफा हुआ है लेकिन इससे बचाव के इंतजाम पुख्ता नहीं हो पाए हैं।
दिल्ली में लगातार तीसरे दिन लगी आग से एक ओर जहां सैंकड़ों लोग बेघर हो गए वहीं, कई लोगों का रोजगार चौपट हो गया। हालांकि कुछ जगहों पर फायर ब्रिगेड की तेजी के कारण बड़ा नुकसान होने से बचा गया।
बंगाली मार्केट में लगी आग, कई दुकानें स्वाहा
दिल्ली के बंगाली मार्केट में शुक्रवार सुबह लगी आग से कई दुकानें जलकर राख हो गईं। आग लगने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
आग इतनी भयंकर थी कि इसे बुझाने में फायर ब्रिगेड को दो घंटे से भी ज्यादा का वक्त लगा। हालांकि इस बीच किसी के हाताहत होने की खबर नहीं है।
आग लगने के पीछे कारणों का पता नहीं लगाया जा सका।
छिन गया 500 लोगों का आशियाना
दिल्ली में एक और जगह पर भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस बार दिल्ली के वसंत कुंज इलाके के स्लम एरिया में आग लग गई है।
आग इतनी भीषण है कि देखते ही देखते इसने कई झोपडि़यों को अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी होने पर फायर ब्रिगेड की 13 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया।
हालांकि आग लगने से किसी की जान जाने की खबर नहीं है लेकिन इस आग ने 500 से भी ज्यादा लोगों का आशियाना छीन लिया है।
एक ही परिवार के छह लोग जिंदा जले
दिल्ली के जामिया नगर में बुधवार देर रात संदिग्ध हालात में एक ही परिवार के छह लोग बुरी तरह झुलस गए। इलाज के दौरान चार मासूमों और दंपति ने सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया।
कमरे में आग किसी हादसे के बाद लगी या परिवार ने आत्महत्या की, पुलिस अभी इस बारे में खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
अलग-अलग पीसीआर से सभी को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने यासमीन व आफरीन को मृत घोषित कर दिया। इलाज के दौरान तीन मासूमों अफरोज, आसिफ और आमिर ने भी दम तोड़ दिया। जबकि इनके पिता फिरोज की भी इलाज के दौरान ही मौत हो गई।
10 साल की बच्ची समेत 2 की मौत
उधर, गुरुवार को दिल्ली के ही जाकिर नगर इलाके में आग लगने से 10 साल की एक बच्ची और उसकी मां की मौत हो गई।
इस भयंकर आग में चार अन्य लोग भी बुरी तरह जख्मी हो गए जिनका इलाज चल रहा है। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के मुताबिक आग बुझाने में करीब दो घंटे से भी ज्यादा का वक्त लगा। इससे मां बेटी को बचाया नहीं जा कसा।
आग पर काबू पाने के बाद घर के भीतर से बच्ची और उसकी 40 वर्षीया मां का शव बाहर निकाला जा सका।