फरीदाबाद के सेक्टर-6 स्थित बिजली निगम के इंडस्ट्रियल एरिया सब-डिवीजन कार्यालय में बृहस्पतिवार देर रात आग लग गई। हादसे में बिजली निगम का रिकॉर्ड जल गया।
मामले की जानकारी बल्लभगढ़ क्षेत्र के एक्सईएन कुलदीप अत्री और एसई आरएस यादव को शुक्रवार सुबह मिली, जिसके बाद दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे।
शुक्रवार सुबह यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। बिजली निगम अधिकारी जहां हादसे का कारण शॉटसर्किट बताते नजर आए। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि घटना हादसा नहीं बल्कि साजिश है। इसमें साजिश इसलिए नजर आ रही है क्योंकि इस समय ऑडिट टीम बिजली निगम के दफ्तरों में जाकर बिजली बिल घोटाले की जांच कर रही है।
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कुछ दिन पहले इसी सब-डिवीजन का नाम 10 लाख रुपये के बिल घोटाले में सामने आया था। कार्यालय अधिकारी पर सब-डिवीजन नंबर दो अधिकारी ने गड़बड़ी का आरोप लगाया था, जिसकी जांच ऑडिट टीम ने शुरू की है।
जांच के दौरान सब-डिवीजन के एसडीओ को निलंबित भी कर दिया गया है, जबकि हेड कैशियर को निलंबित कर उनके खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया है। वर्तमान में भी कार्यालय का ऑडिट किया जा रहा है।
हादसे से पूर्व तक यह उम्मीद की जा रही थी कि कई नए घोटाले सामने आ सकते हैं। लेकिन अब रिकॉर्ड जलने के बाद ऑडिट टीम की जांच अधर में लटक गई है। इस बारे में यूनियन नेता लज्जाराम का कहना कि घोटालों में ठेका कर्मियों और अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
घटना के सही कारणों को जानने के लिए एसई से मिलेंगे। एसई आरएस यादव ने बताया कि हादसे में कौन-कौन सा रिकॉर्ड जला है। इसकी जानकारी एकत्रित की जा रही है। मामले की सूचना मुख्यालय को दी गई है। जांच प्रभावित न हो इसके लिए बैकअप रिकॉर्ड को एकत्रित किया जा रहा है।