अजय शर्मा ने कहा है कि उनकी अनिल चौहान से कॉलेज के समय से जान पहचान है और घरेलू संबंध थे। जब आरोपी को पता चला कि अजय का बेटा 2016 में 12 वीं कक्षा पास करने वाला है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने दाखिले के नाम पर 47 हजार रुपये अपने बैंक खाते में जा करवाए। उसने 6.20 लाख रुपये नकद दो किश्तों में दिए थे।
पहले तो आरोपी नवंबर 2016 तक झांसा देता रहा। जब पीड़ित ने सात फरवरी 2017 को सख्ती की तो उसने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इस बात पीड़ित ने एक मार्च 2017 को शकरपुर थाने में शिकायत दी थी लेकिन पुलिस संज्ञेय अपराध होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की।