दिल्ली महिला आयोग में भर्ती घोटाले की शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
मालूम हो कि मालिवाल से सोमवार को ऑफिस में दो घंटे तक चली पूछताछ में एसीबी टीम ने उनसे 27 सवाल पूछे थे, जिसका जवाब देने के लिए स्वाति मालीवाल ने एक सप्ताह का समय मांगा था।
पूर्व दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने 85 लोगों की भर्तियों को लेकर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि नियमों को ताख पर रखकर आम आदमी पार्टी के नेताओं के बच्चों व रिश्तेदारों की भर्ती आयोग में की गई है।
‘जेल में भी डाल दें, सवाल पूछती रहूंगी’
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इसे लेकर बीते अगस्त में रक्षाबंधन वाले दिन एसीबी टीम ने महिला आयोग के कार्यालय में छापेमारी की थी। जांच के बाद बीते सप्ताह सोमवार को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया था।
सोमवार को आईटीओ स्थित दिल्ली महिला आयोग के मुख्यालय में एसीबी की टीम सुबह 11:30 बजे पहुंची और 1:30 बजे चली गई। इस दौरान स्वाति मालीवाल से भर्तियां कैसे की गईं, भर्ती के लिए क्या योग्यताएं थीं, किन-किन लोगों की भर्तियां की गईं, इतनी भर्तियों की क्यों जरूरत पड़ी, मुख्यमंत्री या उपराज्यपाल की भर्तियों में क्या है भूमिका समेत कुल 27 सवाल पूछे गए।
यदि सवाल पूछने की यह सजा है तो फिर मुझे जेल में डाल दें। राजधानी में हर दिन निर्भया बनती बेटियों के लिए मैं जेल से भी सवाल पूछती रहूंगी। हम जांच टीम के साथ पूरा सहयोग करेंगे और एक हफ्ते में नियुक्ति संबंधी सारे दस्तावेज उपलब्ध करवा दिए जाएंगे।
स्वाति ने पूर्व अध्यक्ष पर लगाया आरोप
स्वाति मालिवाल
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति का कहना है कि आयोग मुख्यालय में सभी नियुक्तियां कमीशन के नियमों के तहत हुई हैं, क्योंकि काम अधिक होने पर कर्मियों की जरूरत थी।
उन्होंने ने कहा कि इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी या किसी को भी कोई लाभ नहीं दिया गया है। स्वाति का कहना है कि शिकायतकर्ता व पूर्व महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने आठ साल में महज एक केस सुलझाया, उसकी जांच होनी चाहिए उन्होंने अपने कार्यकाल में आईपीएस और आईएएस की पत्नियों को नौकरी दी।
हमने एक साल के अंदर 11500 केस सुलझाने के साथ-साथ महिला हेल्पलाइन 181 पर सवा दो लाख कॉल को भी अटेंड कर महिलाओं की मदद की है।