बिजली वितरण निगम के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज न करने को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट एसोएिशसन ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। उन्होंने अधिकारियों पर सीएम के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया है।
ज्ञात हो कि पिलर बॉक्स घोटाले में यहां बिजली निगम में कार्यरत 57 एक्सईएन और इंजीनियरों पर आरोप लगाए गए हैं। विजिलेंस विभाग ने 16 फरवरी 2015 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी।
मुख्यमंत्री ने उसी दिन एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दे दी थी, लेकिन विभाग की ओर से अब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। एसोसिएशन के संरक्षक पद्मश्री डॉ. ब्रह्मदत और महासचिव रवींद्र चावला ने कहा कि निगम अधिकारियों का इस तरह आंदोलन करके उपभोक्ताओं की सेवाएं बाधित करना गैरकानूनी है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कहा कि आदेश के बाद भी बिजली विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों को बचाया जा रहा है। इससे साफ है कि सरकार शक्तिहीन बनकर रह गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार में शामिल हैं, वही अब एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार और विभागीय अधिकारी उनके सामने नतमस्तक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल 57 बिजली अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।