दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने बीबीसी को बताया है कि कोर्ट से प्रतिबंध के बाद फ़िल्म को किसी भी प्रकार से प्रदर्शित करना ग़ैरक़ानूनी है और उन्होंने इस सिलसिले में 'एफ़आईआर दर्ज कर ली है।'
गुरुवार को दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती में केतन दीक्षित नामक शख़्स ने एक प्रोजेक्टर और स्क्रीन लगाकर लोगों को 'इंडियाज़ डॉटर' दिखाई थी।
ये वही बस्ती है जहां दिसंबर 2012 के सामूहिक बलात्कार के पांच में से तीन दोषी रहते थे। केतन ने बीबीसी से कहा, "मैं गांवों में ग़रीब तबके के लोगों को ऐसी फ़िल्में दिखाने चाहता हूं, उन्हें बॉलीवुड के अलावा असल मुद्दों से जुड़ी फ़िल्में भी देखने का मौका मिलना चाहिए।"