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शिकोहपुर जमीन घोटाला मामले में रॉबर्ट वाड्रा व हुड्डा के खिलाफ एफआईआर

Sun, 30 Dec 2018 03:43 AM IST
vivek shukla ब्यूरो, अमर उजाला, गुरुग्राम
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hooda and robert vadra
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शिकोहपुर में जमीन घोटाले के मामले में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ एक सितंबर को दर्ज खेड़की दौला थाने में दर्ज हुई एफआईआर में पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए। सहायक पुलिस आयुक्त (मानेसर) धर्मबीर ने करीब ढाई घंटे तक शिकायतकर्ता सुरेंद्र से पूछताछ की और तीन पेज के बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं। 

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शिकायकर्ता सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि पुलिस के बुलाने पर जब वह सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने मामले में अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी। इस पर उन्हें पता लगा कि हरियाणा सरकार ने 28 नवंबर को ही मामले की जांच के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी थी, लेकिन पुलिस ने करीब एक महीने बाद मामले की जांच शुरू की।

उन्होंने बताया कि एफआईआर दर्ज करवाते समय ही उन्होंने पुलिस को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध करवा दिए थे, जिसके बारे में पुलिस ने उनसे पूछताछ की। उधर, पुलिस आयुक्त केके राव ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए गए सबूतों की जांच की जा रही है। मामले में रॉबर्ट वाड्रा व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नोटिस जारी कर शामिल तफ्तीश किया जाएगा।
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बता दें कि 1 सितंबर को खेड़कीदौला थाना पुलिस ने तावड़ू के गांव राठीवास निवासी सुरेंद्र शर्मा की शिकायत पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित डीएलएफ व ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। 

सुरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2007 से 2008 के मध्य एक साजिश के तहत गांव शिकोहपुर की जमीन रॉबर्ट वाड्रा ने खरीदकर डीएलएफ को बेची थी जिस पर तत्कालीन टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंत्री एवं मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दी थी। 

जमीन डीएलएफ को बेचने के बाद हुड्डा ने डीएलएफ को गांव वजीराबाद की करीब 5 हजार करोड़ की करीब 350 एकड़ जमीन का आवंटन कर दिया था। सुरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया था कि इस मामले में करीब 10 वर्ष पहले भी लोगों ने शिकायत दी गई थी, लेकिन उस शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई थी।

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