- कोर्ट ने विक्रेता की ओर से पुलिसकर्मियों को आइसक्रीम खिलाने की पेशकश को नेक काम बताते हुए उसकी सराहना की
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने एक आइसक्रीम बेचने वाले के खिलाफ ताक-झांक और पीछा करने के आरोप में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। कोर्ट ने विक्रेता द्वारा पुलिसकर्मियों को आइसक्रीम खिलाने की पेशकश को नेक काम बताते हुए उसकी सराहना भी की। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने कहा कि अब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है, इसलिए मामले को आगे बढ़ाना उचित नहीं है। यह मामला साल 2018 का है, जब मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने कहा कि 20 जनवरी 2018 को दर्ज एफआईआर और उससे जुड़ी सभी कानूनी कार्रवाई को रद्द किया जाता है। सुनवाई के दौरान पीड़ित महिला ने भी कोर्ट को बताया कि उसने आरोपी से समझौता कर लिया है और उसे 45,000 रुपये की राशि मिल चुकी है। उसने यह भी कहा कि अब उसकी शादी हो चुकी है और वह अपनी नई जिंदगी में आगे बढ़ना चाहती है, इसलिए उसे एफआईआर रद्द किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है। कोर्ट ने माना कि लगाए गए आरोप गंभीर थे, लेकिन घटना को काफी समय बीत चुका है और दोनों पक्ष अब आगे बढ़ना चाहते हैं। ऐसे में न्याय के हित में एफआईआर को रद्द करना सही होगा।