समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के खिलाफ गाजियाबाद में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। गाजियाबाद के मसूरी थाना में चुनाव आयोग के निर्देश के बाद यह मामला दर्ज किया गया है।
गाजियाबाद के सदर एसडीएम कुनाल सिकू ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 और आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी, 295 ए 5 (2) और 188 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
चुनाव आयोग ने शनिवार को आजम खान और यूपी में बीजेपी के प्रभारी अमित शाह उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक सभा करने, जुलूस निकालने या रोड शो करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया था कि दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आपराधिक कार्यवाही शुरू की जाए।
अमित शाह पर भी लगेगा लगाम
चुनाव आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि भाजपा नेता अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान ऐसी कोई कार्रवाई न करें, जिससे सार्वजनिक शांति और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो।
अपने मंत्री आजम खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने पर नरम रुख अपनाने और संवेदनशील मुद्दे को तत्परता से नहीं निपटने पर चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार की भूमिका को लेकर भी आलोचना की।
अमित शाह गुंडा और मोदी कुत्ते का बड़ा भाई
आयोग की शुक्रवार को हुई बैठक में यह सख्त रुख अपनाने का निर्णय किया गया था। उल्लेखनीय है कि 7 अप्रैल को गाजियाबाद के मसूरी मैदान में आजम खान ने कहा था कि कारगिल का युद्ध सेना के मुस्लिम भाईयों ने जिताया था।
यहां यह बताना जरूरी है कि सेना में जवानों को धर्म के आधार पर नहीं बांटा जाता है। इसके अलावा आजम खान ने अमित शाह को गुंडा नंबर वन कहा था।
मोदी को 2002 दंगों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आजम खान ने कहा था कि मोदी ने हमारे बच्चों को तेजाब के ड्रम में गलाया था। गुजरात के कलंक को हम प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे। 125 करोड़ की जनता एक तरफ खड़ी है, दूसरी तरफ गुजरात का दंगाई खड़ा है।