रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन समाज की रीढ़ है। आरडब्ल्यूए जनमत बनाने और बिगाड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। पिछली सरकार से लकवाग्रस्त आर्थिक व्यवस्था मिली है, लेकिन हमने एक विकासशील बजट देने का प्रयास किया है।
कांग्रेस की विकास विरोधी नीति के कारण तीन साल में देश में आर्थिक विकास की दर सिर्फ 5 प्रतिशत रही। मोदी के नेतृत्व में सरकार विकास दर सुनिश्चित करेगी। ये बातें केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रदेश भाजपा की ओर से कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित बजट पर चर्चा कार्यक्रम में कही।
जेटली ने कहा कि हम पूर्व की कांग्रेस सरकार व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की तरह सपने बेचने में विश्वास नहीं रखते। हम एक सुंदर राष्ट्रीय राजधानी का निर्माण करना चाहते हैं।
'यूरोप से नहीं करेंगे दिल्ली की तुलना'
जेटली ने कहा कि दिल्ली को यूरोप के शहरों के साथ तुलना करने का सपना नहीं बेचेंगे। उन्होंने आरडब्ल्यूए से कहा कि यह एक नए युग की शुरुआत है। भाजपा दिल्ली प्रदेश आरडब्ल्यूए के साथ और अधिक विचारों का आदान-प्रदान करे।
आरडब्ल्यूए के करीब 2000 प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि भाजपा ने आरडब्ल्यूए को पूरा अवसर प्रदान किया है। नीतियां बनाने में फीडबैक इन्हीं संगठनों से मिलता है।
आरडब्ल्यूए प्रकोष्ठ प्रभारी दिनेश गोयल व संयोजक पंकज वधावन ने कहा कि जल्द ही बजट पर चर्चा कार्यक्रम का आयोजन जिला और मंडल स्तर तक किया जाएगा। आरडब्ल्यूए की परेशानियों से सरकार को अवगत कराया जाएगा। इस दौरान प्रदेश भाजपा प्रभारी प्रभात झा, राष्ट्रीय मंत्री वाणी त्रिपाठी, आरती मेहरा, सांसद रमेश बिधूड़ी, प्रवेश वर्मा, मनोज तिवारी, मीनाक्षी लेखी, विधायक प्रो. जगदीश मुखी समेत कई नेता उपस्थित थे।
जेटली के कार्यक्रम में हंगामा,लहराए पोस्टर
दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के कार्यक्रम में द्वारका के लोगों ने पानी की किल्लत को लेकर हंगामा किया। उन्होंने पोस्टर व पंफलेट लहराकर बिजली-पानी की मांग की। उनका कहना था कि भाजपा अपने वादों को पूरा नहीं कर पा रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बचाव करने के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ।
शनिवार को प्रदेश भाजपा आरडब्ल्यूए सेल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री जेटली बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। जेटली का भाषण खत्म होने के बाद फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटी द्वारका के लोगों ने पानी की किल्लत को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। वे पंफलेट और पोस्टर लहराने लगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि द्वारका में पानी की आपूर्ति होती ही नहीं है। बोतल बंद पानी खरीदना मजबूरी बन गई है, जिसके कारण काफी परेशानी हो रही है, लेकिन जेटली बिना कुछ कहे चले गए। प्रदेश भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बचाव करने के बाद स्थिति सामान्य हुई और कार्यक्रम खत्म कर दिया गया।
'पब्लिक फ्रेंडली बने सरकार'
पिछले कई दिनों से दिल्लीवासियों को रोजाना पानी और बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। द्वारका में तो पानी की जबरदस्त किल्लत है। इससे नाराज लोग अरुण जेटली से जल्द कोई समाधान सुनिश्चित करने की मांग कर रहे थे।
फेडरेशन की संचालिका सुधा कुलकर्णी ने कहा कि हमने भाजपा का विरोध नहीं किया। सरकार हमारी है तो हम मांग किससे करें। पिछले दिनों सांसद प्रवेश वर्मा से मुलाकात के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
उपराज्यपाल और डीडीए ने भी हमारी बात नहीं सुनी, ऐसे में जनता का गुस्सा जायज है। हम भी वोट बैंक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को पब्लिक फ्रेंडली होना होगा। कुलकर्णी ने बताया कि पानी के टैंकर तो खड़े हो जाते हैं पर उनमें पानी नहीं होता है और जिनमें होता भी है, वह पीने लायक नहीं होता।