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गुड़गांव के छोरे को मिला बेस्ट एक्टर अवार्ड

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बॉलीवुड के गलियारों में गुड़गांव के छोरे ने अपनी प्रतिभा के झंडे गाड़ दिए हैं। यही नहीं धीरे-धीरे बॉलीवुड को भी सइबर सिटी भाने लगी है।
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शहर के अभिनेता राजकुमार राव को 61वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में फिल्म शाहिद के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिलने से उनके परिवार समेत उनसे जुड़े लोगों और बॉलीवुड में करियर तलाश रहे युवाओं में खुशी का माहौल है।

गुड़गांव में पले-बढ़े राजकुमार ने एक्टिंग की एबीसीडी की शिक्षा गुड़गांव के सेक्टर-22 स्थित निष्ठा सांस्कृति मंच से ही की थी।

ये था टर्निंग प्वाइंट

निष्ठा सांस्कृतिक मंच के संचालक संजय भसीन और डायरेक्टर अरूण वर्मा की देखरेख में नाटक से करियर शुरुआत कर आज राजकुमार बॉलीवुड में एक मुकाम हासिल कर चुके हैं। अपने शार्गिद की इस उपलब्धि पर दोनों गदगद है।

संजय भसीन कहते हैं कि शुरू से ही प्रतिभा का धनी था। डांस सीखने आया करता था। एक दिन डायरेक्टर अरूण वर्मा ने डांस के दौरान उसके हावभाव को देखा तो इल्म हुआ कि यह अभिनय अच्छा कर सकता है।

'अंधा युग' और 'हद तेरी किस्मत' नाटक में अहम रोल अदा किया था। सबसे दमदार अभिनय नाटक 'शहंशाह एडीपथ' में किया।

डेढ़ घंटे की एक्टिंग ने बदल दी जिंदगी

डेढ़ घंटे के इस नाटक में शहंशाह में दमदार अभिनय की वजह से गुड़गांव, शिमला, सलोन कई जगहों पर इसे मंचित किया गया। उसने बड़े और सधे हुए कलाकारों को भी इस नाटक में पीछे छोड़ दिया था।

दिबाकर बनर्जी की फिल्म लव सेक्स और धोखा से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राजकुमार के बारे में संजय भसीन कहते है कि उसे हीरो शब्द से खासी परेशानी है।

अपने भाई के संघर्ष के बारे में अमित बताते हैं कि राजुकमार ने पुणे स्थित एफटीआईआई से पढ़ाई करने के बाद मुंबई में लगभग ढाई साल संघर्ष किया और फिर उन्हें फिल्म 'लव सेक्स और धोखा' में ब्रेक मिला। पैसे की कमी की वजह से कई बार बिना खाए बिताया है।
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राजकुमार राव की फिल्में

-लव सेक्स और धोखा, 2010
-रागिनी एसएमएस, 2011
-शैतान, 2011
-गैंग्स ऑफ वासेपुर, 2012
-चित्तागोंग, 2012
-तलाश, 2012
-काई पो छे, 2013
-डी डे, 2013
-शाहिद, 2013
-क्वीन, 2014
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