देश के अति सुरक्षित तिहाड़ जेल से कैदी फरारी के मामले में क्या दो मजिस्ट्रेट जांच करेंगे? दक्षिण-पूर्व जिला के मजिस्ट्रेट अंकुर गर्ग को उपराज्यपाल नजीब जंग ने मजिस्ट्रेट जांच की जिम्मेदारी दी है तो दिल्ली सरकार के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने अपनी तरफ से पश्चिम जिला के मजिस्ट्रेट बलवान सिंह को जांच सौंपी है।
तिहाड़ जेल पश्चिम जिला के अंतर्गत ही आता है। सूत्र बताते हैं कि उपराज्यपाल की तरफ से आईएएस अंकुर गर्ग का नाम आया था जिसे गृहमंत्री सत्येंद्र जैन से बदलकर बलवान सिंह का नाम शामिल किया है।
फाइनल स्वीकृति केलिए अभी तक फाइल उपराज्यपाल के पास नहीं पहुंची है। मुख्य सचिव के पास देर शाम तक मामला अटका हुआ था। इसे लेकर भी असमंजस की स्थिति थी कि मजिस्ट्रेट जांच करने वाले अधिकारी का अंतिम तौर पर नाम क्या होगा?
दिल्ली सरकार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी बताते हैं कि उपराज्यपाल और गृहमंत्री के बीच बातचीत से हल निकालना होगा। दो मजिस्ट्रेट एक ही मामले की जांच नहीं कर सकते।
एक हफ्ते में मांगी जांच रिपोर्ट
दोनों अधिकारी राजस्व विभाग विभाग के हैं। ऐसे में एक ही काम दो अधिकारी को सौंपे जाने से दिक्कतें बढ़ेंगी। मामला चाहे जो भी लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार और उपराज्यपाल नजीब जंग के बीच नए विवाद का अध्याय जुड़ गया है।
उपराज्यपाल नजीब जंग ने तिहाड़ जेल से फरार हुए कैदियों की घटना के संबंध में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। दक्षिण पश्चिम जिला के मजिस्ट्रेट अंकुर गर्ग को दीवार तोड़ने, सुरंग खोदने और कैदियों के फरार होने की घटना की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में सौंपने के आदेश दिए हैं।
जांच में घटना की खामियों केलिए जिम्मेदारी तय करना और जेल प्रशासन को इस तरह की घटनाएं भविष्य में न दोहरायी जाएं, के लिए सुझाव प्रस्तुत करना शामिल है।
उपराज्यपाल ने यह आदेश भी दिए हैं कि दिल्ली कारागार, दिल्ली पुलिस, लोक निर्माण विभाग से अंकुश गर्ग जांच के लिए सहायता ले सकते हैं।
नजीब-सरकार की जंग में कूदे गृहमंत्री
कैदी फरारी के मामले की जांच दिल्ली अंडमान निकोबार आईलैंड सिविल सर्विसेज (दानिक्स) बलवान सिंह को जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में जेल प्रशासन के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र जैन से कहा है कि मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी करने का काम गृहमंत्री का होता है। उपराज्यपाल ने अपनी तरफ से जांच सौंप दी है। सत्येंद्र जैन ने कहा है कि तिहाड़ जेल में कैदी फरार होने की जो घटना हुई है इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
जहां तक उपराज्यपाल की तरफ से जांच सौंपने की बात है तो मजिस्ट्रेट जांच गृह मंत्री तय करता है। तिहाड़ की घटना में दो जांच नहीं हो रही हैं।
गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने यह प्वाइंट आउट किया है कि जांच संबंधित जिला के डीसी की तरफ से होनी चाहिए। अभी तक किसी भी अधिकारी के नाम का आदेश नहीं हुआ है।