बरौला गांव में फैली गंदगी के कारण करीब ढाई हजार लोग बुखार की चपेट में हैं। गंदगी का आलम ये है कि यहां के अस्पताल में किसी और बीमारी का इलाज कराने आने वाले लोगों को भी मच्छरों की वजह से बुखार हो रहा है।
गांव के अस्पताल में 200 से ज्यादा मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। इनमें 90 फीसदी मरीज बुखार से पीड़ित होते हैं।
अस्पताल में ही हो गया बुखार
बरौला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी के लिए आई एक महिला को मच्छरों ने काट लिया, जिसकी वजह से उसेे बुखार हो गया। वहीं, सुबह डिलीवरी होने पर दोपहर 2 बजे के बाद ही मरीज की अस्पताल से छुट्टी कर दी जा रही है।
शांति देवी ने बताया कि मंगलवार सुबह बहू को डिलीवरी हुई। अस्पताल के जिस कमरे में डिलीवरी कराई गई, वहां बहुत मच्छर हैं। पंखे तक नहीं चलते हैं। जिस वजह से बहू को मच्छर ने काट लिया और बुखार हो गया। दोपहर 1 बजे बुखार उतरा। इसके बाद से अस्पताल प्रबंधन छुट्टी देने की बात कह रहा है।
अस्पताल में बंधी हुई हैं भैंस
बरौला के अस्पताल में डिलीवरी वाले कमरे के बाहर ही भैंस बंधी रहती हैं। यहां पानी भी भरा हुआ है, जिस कारण काफी मच्छर रहते हैं। इन मच्छरों के काटने से अस्पताल में सफाई का काम संभाल रही महिला को ही बुखार हो गया है।
स्कूल परिसर में भरा पानी
यहां के प्राइमरी स्कूल में पिछले कई दिनों से पानी भरा हुआ है। स्कूल परिसर तालाब में बदल गया है, जिस वजह से ज्यादातर बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। यहां बने जूनियर हाई स्कूल के बच्चे दीवार पकड़कर स्कूल से बाहर जाते हैं।
गांव में चारों तरफ फैली है गंदगी
गांव में चारों तरफ गंदगी फैली है। लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि गंदगी की वजह से गांव के कई लोग बीमार हो गए हैं। कई घरों में तो पूरा परिवार ही बीमार पड़ गया है।