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Delhi NCR News: फेमा ने नीट परीक्षा रद्द होने को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

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-परीक्षा का समय पर न कराने से छात्रों में मानसिक तनाव होता है पैदा
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। नीट परीक्षा रद्द होने पर डॉक्टरों की फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (फेमा) ने चिंता व्यक्त की है। फेमा के मुख्य संरक्षक डॉ. रोहन कृष्णन ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। नीट परीक्षा में करीब 20 लाख छात्र हिस्सा लेते हैं। किसी भी परीक्षा की तैयारी छात्र तारीख के हिसाब से करते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए छात्र परिवार को छोड़कर दिल्ली और कोटा जाते हैं, लेकिन जब परीक्षा रद्द होती है उसका धक्का लगता है।

उन्होंने कहा कि यह कोई आकस्मिक नहीं है। परीक्षा का रद्द होना व्यवस्था का विफल होना है। नीट के आयोजन के लिए जो एजेंसी है उसने परीक्षा की पवित्रता को धूमिल कर दिया है। इस पर से बच्चों का विश्वास उठ गया है। इससे चिकित्सा शिक्षा की व्यवस्था पर बहुत बड़े सवाल उठ रहे है। आजकल बच्चे कक्षा पांचवीं और छठीं से नीट परीक्षा की तैयारी शुरू कर देते है।
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डॉ. रोहन कृष्णन ने बताया कि 15 साल पहले परीक्षा का आयोजन इतना मुश्किल नहीं था और उससे पहले और भी आसान था। परीक्षा का समय पर न कराने से मानसिक तनाव और घुटन पैदा होती है। आत्महत्या के मामले सामने आते हैं। इसका बड़ा कारण परीक्षा एजेंसी का ठीक से काम नहीं करना है। एजेंसी की कोई जवाबदेही नहीं है। क्या एजेंसी के निदेशक इस पूरे मामले में इस्तीफा देंगे। क्या केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस पर कोई कार्रवाई करेंगे। हर बार इस परीक्षा में कुछ न कुछ गोरख धंधा सुनने को मिलता है।
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