सिग्नल विभाग की लापरवाही के चलते मंगलवार को बैटरी डाउन होने से गरीब रथ समेत चार ट्रेनों के पहिए थम गए। दरअसल बैटरी डाउन होने से ट्रैक के कांटे को बदला नहीं जा सका।
अधिकारियों को इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। इसके बाद आनन-फानन में बैटरी की व्यवस्था की गई। तब कहीं जाकर ट्रेनों को निकाला गया।
हापुड़, मेरठ और टूंडला की की ओर से आने वाली गरीब रथ, आला हजरत, अंबाला दिल्ली और उत्कल एक्सप्रेस मंगलवार सुबह 10:33 बजे से 10:48 तक गाजियाबाद के पूर्वी आउटर पर खड़ी रहीं।
यात्री ट्रेनों के ज्यादा देर तक खड़ी रहने से परेशान हो गए। डीटीएम देवेश कुमार चोपड़ा ने बताया कि ट्रेन को एक ट्रैक से दूसरे ट्रैक पर डायवर्ट करने के लिए ट्रैक में कांटे लगे होते हैं। सिग्नल विभाग की बैटरी डाउन हो जाने से कांटों ने काम करना बंद कर दिया था।
बंद था बैटरी का चार्जर
सिग्नल रूम में लगी बैटरी का चार्जर बंद था, जिससे विभाग में लगी बैटरी चार्ज नहीं हो पाई थी। कांटों के काम करना बंद होने पर अधिकारियों की निगाह चार्जर पर पड़ी। रेलवे अधिकारी इसे बड़ी लापरवाही मान रहे हैं।
बड़ा हादसा टला
कांटों के काम करना बंद होने से यदि ट्रेनें आगे बढ़ती तो डीरेल की घटना हो सकती थी। ट्रेन रुकने से बड़ा हादसा होने से टल गया।