नोएडा में स्थित फेलिक्स अस्पताल के मालिक, एंबुलेंस चालक और कर्मी के खिलाफ दनकौर कोतवाली में लापरवाही बरतने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। शुक्रवार को अस्पताल का एंबुलेंस चालक बुजुर्ग महिला को कोरोना संक्रमित समझकर यमुना एक्सप्रेसवे पर नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (एनआईयू) के गेट के सामने छोड़कर भाग गया था।
पुलिस ने शनिवार को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के क्वारंटीन प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता की तहरीर पर केस दर्ज किया है। हापुड़ निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुनीता कुछ समय से बीमार थीं। शुक्रवार को अचानक तबीयत खराब होने पर एंबुलेंस से नोएडा के फेलिक्स अस्पताल पहुंची थीं।
अस्पताल में जांच के बाद महिला को बताया गया कि वह कोरोना संदिग्ध हैं। महिला का आरोप है कि अस्पताल संचालक ने उन्हें कोरोना जांच और क्वारंटीन के लिए दनकौर क्षेत्र स्थित एनआईयू भेज दिया, लेकिन एंबुलेंस चालक और कर्मी पीड़ित महिला को यूनिवर्सिटी के गेट के पास उतारकर फरार हो गए।
इसके बाद महिला रोती-बिलखती हुई एनआईयू परिसर में जाकर बैठ गई। दो घंटे बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। कुछ ही देर में जिला प्रशासन में हलचल मच गई। इसके बाद महिला को दूसरे एंबुलेंस से जिम्स अस्पताल भेजा गया था।
शनिवार को गलगोटिया यूनिवर्सिटी के क्वारंटीन प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता की तहरीर पर फेलिक्स अस्पताल के मालिक डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, एंबुलेंस चालक और कर्मी पर लापरवाही बरतने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।