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फीस विवाद : जयपुरिया के बाहर आज घेराव करेंगे पैरेंट्स

Mon, 28 Apr 2014 12:43 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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डीएम के आदेश के बावजूद मनमानी पर अड़े स्कूलों के खिलाफ पैरेंट्स इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं। सोमवार को पैरेंट्स कैविएट दाखिल करेंगे। वहीं, फीस वृद्धि पर डीपीएसजी वसुंधरा और जयपुरिया स्कूल के अड़ियल रवैये केखिलाफ सोमवार को रार बढ़ सकती है।
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वसुंधरा जयपुरिया स्कूल के अभिभावक 30 फीसदी फीस वृद्धि के विरोध में स्कूल का घेराव करेंगे। डीपीएसजी वसुंधरा के पुरानी फीस जमा करने केदो-टूक के बाद पैरेंट्स स्कूल पर प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही अभिभावकों ने स्कूल पर कार्रवाई न होने पर धरना देने की चेतावनी भी दी है।

अभिभावक एसोसिएशन ने प्रशासन के निर्देश की कापी जयपुरिया स्कूल प्रबंधन को सौंपने और डीएम के निर्देश के अनुसार ही फीस बढ़ाने के लिए भी दबाव बनाएंगे। उन्होंने बताया कि स्कूल ने पिछले वर्ष ही फीस बढ़ाई थी।
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ऐसे में डीएम के निर्देशानुसार आने वाले दो वर्ष में फीस नहीं बढ़ा सकता। अभिभावकों से प्रबंधन द्वारा बढ़ी फीस वापस नहीं लेने तक फीस जमा नहीं करने की अपील की गई है।

ढाई किमी के लिए वसूल रहे 1700 रुपये
वसुंधरा सेक्टर-12 स्थित जयपुरिया स्कूल से वैशाली के विभिन्न सेक्टर्स डेढ़ से ढाई किमी के बीच पड़ता है। अभिभावकों का आरोप है कि प्रबंधन वैशाली तक बच्चों को बस से छोड़ने के लिए महीने के 17 सौ रुपये वसूलता है।

अभिभावकों का आरोप है कि दो वर्ष में बस का चार्ज करीब 52 फीसदी तक बढ़ा दिया गया। जो अभिभावक इतना नहीं भर पाते उनकी सुबह और दोपहर बच्चों को लाने ले जाने की ड्यूटी होती है। जबकि कुछ लोग मजबूरी में स्कूल की मनमानी झेल रहे हैं।

स्कूल की दो-टूक से पैरेंट्स में उबाल
डीपीएसजी वसुंधरा के पुरानी फीस जमा न करने केदो-टूक से पैरेंट्स में उबाल है। पैरेंट्स ने सोमवार को स्कूल के फैसले का विरोध करने की चेतावनी दी है। पैरेंट्स का कहना है कि सोमवार सुबह वह इंदिरापुरम थाने में डीपीएसजी जाने की सूचना देंगे। पुलिस प्रोटेक्शन मांगी जाएगी।

इसके बाद भी अगर स्कूल संचालक डीएम द्वारा निर्धारित फीस से ज्यादा वसूलने की जिद पर अड़ते हैं तो पैरेंट्स द्वारा उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और गिरफ्तार करने की मांग पुलिस से की जाएगी। कार्रवाई न होने पर स्कूल गेट पर धरना शुरू करेंगे।

नक्शे के मुताबिक होना चाहिए स्कूल भवन वर्ना खैर नहीं
फीस मुद्दे पर मचे बवाल के बाद यूपीएसआईडीसी ने पब्लिक स्कूलों पर शिकंजा कसने का मन बना लिया है। रियायती दरों पर जमीन लेने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की यूपीएसआईडीसी कड़ाई से जांच करेगा।

अगले हफ्ते से पब्लिक स्कूलाें के भवनाें के नक्शों की जांच करेगा कि वह मानक के अनुरूप बने है या नहीं। शहर में यूपीएसआईडीसी की जमीन पर डीपीएसजी मेरठ रोड, सिल्वर लाइन स्कूल, रेयान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार स्कूल बने हैं।

यूपीएसआईडीसी के रीजनल मैनेजर मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि जितने स्कूल यूपीएसआईडीसी की जमीन पर बने हैं क्या वह मानक को मान रहे है या नहीं। साथ ही आवेदन के वक्त जोे नक्शे निगम द्वारा बनाकर दिए गए थे।

 उसके अनुसार स्कूलों की बिल्डिंग बनी है या नहीं, इसकी जांच अगले हफ्ते कमेटी करेगी। उन्हाेंने बताया कि यदि नक्शे के मुताबिक भवन नहीं बने होंगे तो उसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंपी जाएगी।
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