दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम (92.05 किमी) तक हाईस्पीड ट्रेन में यात्रा का खाका तैयार है। दिल्ली-गाजियाबाद के रास्ते मेरठ तक के सफर में हवाई जहाज जैसी बैठने की सुविधा (2 गुणा 2 की ट्रांसवर्स सीट) ही नहीं होगी बल्कि कंपार्टमेंट में बिजनेस क्लास के लिए अलग व्यवस्था होगी।
ट्रेन की डिजाइन एंटी टेलिस्कोपिक होगी जिसमें कोच और मोटर कोच ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील या एल्यूमिनियम से बना होगा। नेशनल कैपिटल रिजन ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (एनसीआरटीसी) बोर्ड ने दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट को मंजूरी देकर दिल्ली और यूपी को जल्द से जल्द मंजूरी के लिए भेजा है।
दोनों राज्यों की मंजूरी के बाद ही आगे का काम शुरू होगा। जहां इस कॉरिडोर पर हाईस्पीड ट्रेन चलाने की योजना है। हाईस्पीड की ट्रेन 200-250 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है लेकिन इस कॉरिडोर पर प्रत्येक 5 से 10 किमी की दूरी पर स्टेशन है।
इसलिए ट्रैक और ट्रेन कोच को अधिकतम स्पीड 180 किमी प्रति घंटा के हिसाब से डिजाइन करने का फैसला विशेषज्ञों ने लिया है। प्रोजेक्ट के अनुसार दिल्ली से मोदीपुरम तक के कॉरिडोर के रास्ते में 42 जगह क्रॉसिंग हैं जिसमें 30 जगह अच्छा खासा घुमाव है। चूंकि इस रास्ते पर ईएमयू भी चलती है तो उसी 22 मीटर लंबे, 3.2 मीटर चौड़े और 3.9 मीटर ऊंची ट्रेन के साइज को ठीक माना गया है।