फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्मार्टफोन, स्मार्ट प्लानिंग से खत्म हुई DTC हड़ताल

Wed, 13 May 2015 09:42 PM IST
सीमा शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
हड़ताल खत्म होने की जो सेलीब्रेशन दिल्ली सरकार और डीटीसी प्रबंधन मना रहा है, असल में उसके पीछे सख्ती और स्मार्टफोन की कहानी हैं। क्योंकि डिपो में बस से गेट तक की वीडियो समेत एसएमएस के माध्यम से नौकरी का डर दिखाकर बसों को सड़कों पर उतारा गया है।
विज्ञापन


गेट में हाजिरी की एंट्री करने के साथ ही ड्राइवरों को नोटिस समेत वीडियोग्राफी और न करने पर सीधा बाहर का रास्ता दिखाया गया। क्योंकि सरकार के निर्देश पर हड़ताल खत्म करवाकर बसों को गेट से बाहर निकालने की पल-पल की जानकारी देते वीडियो, व्हाट्सऐप और मोबाइल मैसेज धनाधन डिपो से सीएमडी और फिर परिवहन मंत्री तक पहुंचते रहे।

दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की हड़ताल सरकार के बुलावे पर नहीं बल्कि एस्मा के साथ भेजे नोटिस से शुरू होती है। डीटीसी प्रबंधन ने मंगलवार तड़के अपनी सभी डिपो में नोटिस चिपका दिया था, जिसमें लिखा था कि यदि आप बस लेकर नहीं निकलें तो फिर आने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन

पल-पल की हो रही थी वीडियोग्राफी

गेट पर ही डिपो मैनेजर और स्पेशल टीम के अधिकारी तैनात हो गए थे, जोकि पल-पल की वीडियोग्राफी कर रहे थे। जैसे ही चालक-परिचालक मार्निंग शिफ्ट के आधार पर गेट के रजिस्टर्ड में हाजिरी लगाकार हड़ताल में शामिल होने केलिए वापस मुड़ते, उन्हें नोटिस दिखा दिया जाता।

नोटिस पड़कर अधिकतर चालक-परिचालक अंदर जाकर बस की चाबी लेकर रूट पर निकल पड़े। हालांकि यूनियन और चालक-परिचालकों ने आनाकानी की, लेकिन उनके आनाकानी करते वीडियो बना लिए गए।

यह देख चालकों ने बस को सड़कों पर निकालने में ही बुद्धिमानी समझी। क्योंकि रैगुलर समेत कांट्रेक्ट वालों को साफ बता दिया कि उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
विज्ञापन

व्हाट्सऐप से सीएमडी को भेजे गए क्लिप

डिपो से बसों को लाइन में विभिन्न रूट पर निकाला गया, जिनके बाकायदा वीडियो भी बनाए गए, जिन्हें व्हाट्सऐप के माध्यम से सीएमडी को भेजा गया।

क्योंकि स्पेशल टीम समेत डिपो मैनेजर के अधिकारियों को निर्देश थे कि सुबह चार बजे से पल-पल का अपडेट भेजा जाए। इसी के तहत सुबह चार बजे के बाद से दुपहर 12 बजे तक करीब 34 सौ बस निकालने तक अधिकारी भी डटे रहे।

इसके अलावा सड़कों पर भी टीम मौजूद रही, ताकि चालक बसों को रास्ते में न रोक दें। इसके चलते विभिन्न रूट पर टीम ने सवारियों से भरी बसों के भी फोटो प्रबंधन के माध्यम से परिवहन मंत्री गोपाल राय तक भेजे गए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें