झज्जर जिले के छारा गांव की रहने वाली पूनम दलाल दहिया ने साबित कर दिया है कि परिजनों की प्रेरणा और उनके सहयोग से कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने ट्यूशन पढ़ाने और प्राइमरी में टीचिंग करने से लेकर यूपीएससी परीक्षा पास करने तक का सफर तय कर लिया है।
उनका रैंक 308वां है, जिसमें उनका आईपीएस बनना लगभग तय माना जा रहा है। इस समय वह विजिलेंस में एसीपी के रूप में कार्यरत हैं। करीब आठ साल पहले सिर से पिता का साया उठ गया, लेकिन उनकी शिक्षा हमेशा साथ रही।
पूनम कहती हैं कि पुराने वक्त में भी उनके पिता रंधावा सिंह दलाल समय से आगे सोचने वाले इंसान थे। इसीलिए तो जब 1982 में पूनम पैदा हुईं तो उन्होंने खाड़ी देशों में रहते हुए अपनी पत्नी को पत्र लिखा था कि अब बेटी के लिए घर में अंग्रेजी अखबार लगवाना। तब वह लोग दिल्ली में रह रहे थे।
बेटी को बराबरी और कई मामलों में बेटों से भी आगे रखने का फर्ज निभाया। सरकारी की जगह निजी स्कूल में पढ़ाया। अब बेटी ने अपनी सफलता पिता को समर्पित कर दी है। पूनम की मां सुदेश कुमारी इस समय बहादुरगढ़ के बालौर में प्राइमरी टीचर हैं।