इसके बाद अमर उजाला ने पीड़ित पिता और हर दिन नीली पड़ती जा रही मासूम अनन्या की पीड़ा बुधवार को उजागर की, जिस पर तत्काल स्वास्थ्य मंत्री ने संज्ञान लिया।
आनन-फानन में एम्स के अधिकारियों ने लाल बहादुर से संपर्क किया और उन्हें शुक्रवार को निदेशक कार्यालय में आकर मिलने का आमंत्रण दिया। बताया जा रहा है कि एम्स जल्द ही मासूम का ऑपरेशन कर उसे संजीवनी देगा।
विकल्प निकालना चाहिए
एम्स के एक वरिष्ठ ह्दयरोग विशेषज्ञ का कहना है कि प्रोटोकॉल के अनुसार मंत्री जी के निर्देशों का पालन होना चाहिए, लेकिन एम्स में बढ़ती भीड़ के कारण ही मरीजों को लंबी तारीख मिलती है। इस दिशा में भारत सरकार, एम्स प्रबंधन और स्वास्थ्य मंत्रालय को सटीक विकल्प निकलना चाहिए, क्योंकि कई शिशु अभी भी हार्ट सर्जरी के लिए इंतजार में हैं। इन्हें इलाज नहीं मिला तो इनकी जान भी संकट में आ सकती है।