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Delhi NCR News: पत्नी से बदला लेने के लिए बेटी का गला घोंटा, पिता दोषी करार

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- अदालत ने मेडिकल साक्ष्यों को आधार बनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने पत्नी से बदला लेने के लिए सात वर्षीय मासूम बेटी की हत्या करने वाले पिता को दोषी करार दिया है। दिल दहला देने वाले मामले में आरोपी विराज राय को अपनी 7 साल की बेटी प्रियांशी की हत्या का दोषी करार दिया गया है। यह फैसला 19 अगस्त 2025 को एएसजे सौम्या चौहान ने सुनाया। आरोपी को अपनी पत्नी पर अवैध संबंध का शक था जिस कारण दोनों अलग रह रहे थे। बच्चे पिता के साथ ही रह रहे थे। आदेश में कहा गया कि आरोपी ने अपनी पत्नी से बदला लेने के लिए बेटी का गला तार से दबाकर हत्या की थी।
23 अप्रैल 2019 को मुंडका थाने में एफआईआर दर्ज की गई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, विराज राय ने अपनी बेटी प्रियांशी (7 साल 10 महीने) को गला दबाकर मारने के बाद जानकी दास कपूर मेमोरियल अस्पताल ले गया। अस्पताल में डॉक्टर देविका कपूर के सामने आरोपी ने कबूल किया कि उसने पहले तार से गला दबाया फिर तकिया से मुंह दबाकर हत्या की। डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया और पुलिस को सूचित किया।
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पीड़िता की मां बरखा ने गवाही में बताया कि आरोपी के साथ वैवाहिक विवाद था। वह पत्नी की चरित्र पर शक करता था। 22 अप्रैल 2019 को जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर में दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का समझौता पत्र बनवाया, जिसमें बच्चे आरोपी के पास रहने लगे थे। अगले दिन सुबह बरखा ने फोन पर बेटी से बात की, लेकिन आरोपी ने कॉल काट दिया। बाद में आरोपी ने रोते हुए सॉरी कहा। फिर बेटे लक्ष्य (तब 6 साल) को घर की चाबी और फोन देकर मां के पास भेज दिया। बरखा अस्पताल पहुंची तो पता चला कि बेटी मर चुकी है और आरोपी पुलिस हिरासत में है। बरखा ने कहा कि आरोपी ने बदला लेने के लिए हत्या की और पुलिस वैन में जाते हुए वह हंसते हुए बाय-बाय कर रहा था।
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बयान से पलटा भाई, कहा-पिता को जेल में देखना नहीं चाहता
बेटे लक्ष्य ने मजिस्ट्रेट के सामने गवाही दी कि उसने पिता को बहन का गला दबाते देखा, लेकिन अदालत में वह मुकर गया। अभियोजन पक्ष ने उसे होस्टाइल घोषित किया। लक्ष्य ने कहा कि वह पिता से प्यार करता है और उसे जेल से बाहर चाहता है। अदालत ने डॉक्टर की गवाही, पीसीआर कॉल और मेडिकल सबूतों को विश्वसनीय माना।
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