मलकपुर में रहने वाले सीमा और हिमांशु दोनों मूलरूप से आजमगढ़ के रहने वाले थे। गौतमबुद्ध नगर की एक कंपनी में काम करने के दौरान वर्ष 2016 में दोनों की पहचान हुई। दोनों ने मंदिर में विवाह कर लिया। शादी के बाद एक बेटा उनके हुआ। हिमांशु ने सीमा से शादी करने के संबंध में परिजन को जानकारी नहीं दी थी। इसके चलते परिजन ने हिमांशु का विवाह तय कर दिया। आरोपी हिमांशु सीमा को बिना बताए आजमगढ़ जाकर दूसरी युवती से सगाई कर आया।
हिमांशु के मोबाइल में सगाई के फोटो देखने के बाद सीमा विवाह रजिस्टर्ड कराने का दबाव बनाने लगी। हिमांशु ने सीमा से वादा किया कि वह 12 सितंबर को दिल्ली ले जाकर विवाह रजिस्टर्ड करा लेगा। आरोपी सीमा व मासूम बेटे से पीछा छुड़ाने के इरादे से उन्हें हरिद्वार व वृंदावन घुमाने ले गया। लेकिन आरोपी को वहां मौका नहीं मिला। वृंदावन से वापस लौटकर 11 सितंबर को हिमांशु एकांत में सेल्फी का बहाना बनाकर सीमा को नॉलेज पार्क क्षेत्र में ले गया। आरोपी ने पहले सीमा की सिर में चोट कर हत्या की। इसके बाद बेटे की गला दबाकर हत्या कर दोनों के शव झाड़ी में फेंक दिए।
पत्नी का पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
पुलिस ने बताया कि 13 सितंबर को नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गुर्जरपुर अंडरपास रेलवे लाइन पार कर जंगल से अज्ञात में बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तीन दिन बाद उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सीमा की बहन ने 17 सितंबर को गुमशुदगी सूरजपुर कोतवाली में दर्ज कराई थी। सीमा की पहचान उसके कपड़े, फोटो देखकर उसकी बहन ने ही की। सूरजपुर कोतवाली प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह का कहना है कि बच्चे का शव तलाशने के लिए काफी प्रयास किया गया लेकिन अब तक बरामद नहीं किया जा सका।