जानकारी के अनुसार, बच्ची अपने माता-पिता और पांच वर्षीय बड़ी बहन के साथ भलस्वा डेयरी इलाके में रहती थी। रविवार सुबह बच्ची के पिता दीपक ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी बेटी घर से गायब हो गई है। उसने शिकायत में बताया कि सुबह करीब पांच बजे वह दूध लेने घर से बाहर गया था, जबकि उसकी पत्नी बीमार बड़ी बेटी को सुला रही थी। इसी दौरान पत्नी की आंख लग गई। छोटी बेटी घर में बोतल से दूध पी रही थी। कुछ समय बाद जब वह घर लौटा तो बच्ची गायब थी। तलाश के दौरान बच्ची की दूध की बोतल गली में पड़ी मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि शिकायत मिलने पर भलस्वा डेयरी थाना पुलिस ने अपहरण की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें जांच में जुट गईं। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की।
इलाके के सेप्टिक टैंक से बच्ची का शव बरामद
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण फुटेज हाथ लगी, जिसमें बच्ची का पिता उसे अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस को दीपक पर शक हुआ और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बताया जा रहा है कि वह दूसरी बेटी होने से नाराज था और इसी कारण उसने बच्ची की हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है और उसकी निशानदेही पर रात में बच्ची का शव इलाके के एक सेप्टिक टैंक से बरामद कर लिया।