फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गाजियाबाद: दो बच्चों को जहर खिला खुद फंदे से लटका पिता, सुसाइड नोट में लिखी यह बात

Wed, 13 Mar 2019 05:46 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
सुंदरपाल, तुषार और माही (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

सिहानी गेट थाना क्षेत्र के नूरनगर सिहानी में रहने वाले एक होटल संचालक ने बेटे और बेटी को जहरीला पदार्थ खिलाकर खुद भी फंदा लगा लिया। इससे तीनों की मौत हो गई। कारोबार में घाटे की वजह से वह मानसिक रूप से परेशान था। सुंदरपाल (42), बेटा तुषार (15), बेटी माही (11) सोमवार रात एक कमरे में सोए थे। पत्नी शशि सभी को खाना खिलाकर करीब साढ़े नौ बजे दूसरे कमरे में सोने चली गई। नींद नहीं आने पर वह 10 बजे दूसरे कमरे में गई और छोटे बेटे नमन को अपने साथ ले आई।

विज्ञापन


सुंदरपाल तुषार और माही के साथ लूडो खेलते रहे। पत्नी के सोने केबाद सुंदरपाल ने रसमलाई में दोनों बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाकर खुद फंदे से लटक गया। पत्नी तड़के तीन बजे उठी तो दूसरे कमरे की लाइट जली देखी। अंदर जाकर देखा तो सुंदरपाल फंदे से लटका था। तुषार और माही का शव जमीन पर पड़ा था। इस दौरान परिवार के अन्य भी वहां पहुंच गए। सुंदरपाल मनाली में होटल चलाता था। थाना प्रभारी सिहानीगेट संजय पांडेय ने बताया कि सुंदरपाल की आर्थिक स्थिति खराब थी इसलिए काफी समय से डिप्रेशन में था।

पहले खेला लूडो, बाद में मौत का खेल
सुंदरपाल के बच्चों को लूडो बहुत पसंद था, अंतिम समय में भी उसने बच्चों के साथ यही खेल खेला। बच्चों को उनकी मनपसंद मिठाई रसमलाई भी खिलाई। इसी मिठाई को हथियार बनाकर सुंदरपाल ने बच्चों के साथ मौत का खेल खेला। छोटा बेटा मां के पास सोया हुआ था, इसलिए उसकी जान बच गई। सुंदरपाल ने परिवार के किसी भी सदस्य को घटना के बारे में कानोकान खबर नहीं लगने दी। उसका व्यवहार सभी के साथ वैसा ही था जैसा कि रोज रहता था।
विज्ञापन


सुंदरपाल ने बच्चों को मारने की प्लानिंग भी पहले ही कर ली थी। वह जानता था कि उसकी मौत के बाद बच्चों की परवरिश कैसे होगी। 11 मार्च की शाम को बच्चों को खुश करने वाले सारे काम किए। उसकी पत्नी शशि ने टोका भी काफी रात हो रही है। सब सो जाओ, लेकिन सुंदरपाल के दिमाग में तो कुछ और ही प्लानिंग चल रही थी। शशि छोटे बेटे को उठाकर अपने साथ सुलाने ले गई। सुंदरपाल बच्चों के साथ खेलता रहा। सुबह से ही परिवार के सदस्यों केसाथ नार्मल व्यवहार करता रहा। जब घर के अंदर परिवार के सभी लोग सो गए। तब रसमलाई खोलकर उसमें जहरीला पदार्थ मिलाया और बच्चों को खिला दिया। बच्चों की मौत के बाद उसने कमरे के अंदर लगी पाइप पर पत्नी की साड़ी से फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली।

विज्ञापन

‘लोन पास नहीं हुआ तो आज होगी मेरी आखिरी रात’

आत्महत्या से पहले सुंदरपाल ने एक सुसाइड नोट तैयार किया। इसमें मरने के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है, लेकिन इतना लिखा है कि अगर लोन पास नहीं हुआ तो आज मेरी आखिरी रात होगी। लोन कराने वाले एजेंट के झूठ बोलने से भी वह आहत था। बच्चों की हत्या क्यों की इसके बारे में कुछ नहीं लिखा।

सुंदरपाल मनाली में कांट्रेक्ट पर होटल चलाता था। दो महीने पहले बर्फ अधिक पड़ने के कारण घर आ गए था। व्यापार सही न चलने के कारण अवसाद से ग्रस्त था। पिछले दो महीने से वह डायरी के पन्नों पर कुछ न कुछ लिखता रहता था। आखिरी पेज पर छह मार्च से लिखना शुरू किया है। छह मार्च को लिखा है लोन कराने वाले एजेंट को फोन किया तो उसने बताया कि 6.90 लाख रुपये का लोन पास हो गया है, आपके खाते में सात मार्च को रुपया पहुंच जाएगा।

सात मार्च को फोन करने पर बोला आठ मार्च को आ जाएगा और फोन काट दिया। आठ मार्च को फोन किया तो बोला सोमवार तक आ जाएगा। मैंने फोन कर कहा कि सोमवार के बाद में इंतजार नहीं कर सकूंगा। सुसाइड नोट में 11 मार्च को लिखा है कि एजेंट को फिर से कॉल किया। एजेंट ने जबाव दिया कि सुंदरपाल 12 से एक बजे के बीच में आपका चेप्टर ही बंद कर दूंगा। तभी से उसका फोन बंद जा रहा है। 12 मार्च तड़के कमरे में कूंदे पर सुंदरपाल का शव लटका मिला। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है। विभिन्न बिंदुओं पर पुलिस जांच में जुटी है।

बड़ा बेटा दिमागी रूप से था कमजोर
सुंदरपाल का बड़ा बेटा तुषार दिमागी रूप से कमजोर था और वह बोल भी नहीं पाता था। गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए जाता था। जबकि बेटी माही एक निजी स्कूल में कक्षा पांच की मेधावी छात्रा थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें