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नासा के वैज्ञानिक को बुलाने के नाम पर ठग लिए करोड़ों, घूमते थे अॉडी में अब हवालात में

Wed, 09 May 2018 09:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। इन्होंने गारमेंट्स एक्सपोर्ट व्यवसायी से कोई न कोई बहाना बनाकर करीब 1.43 करोड़ रुपये ठग लिए थे  इन्होंने व्यवसायी को झांसा दिया था कि इनके पास राइस पुल्लर (कॉपर प्लेट) है।

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इसे वह नासा को बिकवा देंगे। राइस पुल्लर को टेस्ट करने के लिए नासा से वैज्ञानिक व केमिकल्स भी आएगा। ये वैज्ञानिक को बुलाने व केमिकल्स मंगाने के नाम पर पीड़ित व्यवसायी से करोड़ रुपये ले लेते थे। जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपी करीब 20 लोगों से कई करोड़ रुपये ठग चुके हैं। आरोपी ऑडी जैसी गाडिय़ों में घूमते थे।  

अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार के अनुसार गारमेंट एक्सपोर्ट व्यवसायी नरेन्द्र ने अपराध शाखा में मई, 2018 में शिकायत दी थी कि वीरेन्द्र मोहन बरार, बाबा बरार व अन्य लोगों ने उससे 1.43 करोड़ रुपये ठग लिए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह कुछ वर्ष पहले एक आरोपी के संपर्क में आया था।
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आरोपी ने बताया कि उसकेपास एक राइस पूल्लर (कॉपर प्लेट) है। अगर उस पर बिजली गिरती है तो उसमें रेडियो ऐक्टिविटी पैदा होती है और नासा उस पर रिसर्च करती है। इस प्लेट को सिर्फ नासा ही खरीदती है। नासा एक इंच की इस प्लेट को 37500 करोड़ में खरीदता है। इस प्लेट को टेस्ट करने के लिए नासा से वैज्ञानिक व कैमिकल्स आएगा। आरोपी पीड़ित से वैज्ञानिक बुलाने व केमिकल्स मंगाने के नाम पर करोड़ रुपये ले लिए ।
 
वीरेन्द्र कुमार बरार ने नरेन्द्र से ये भी कहा कि अगर वैज्ञानिक ने टेस्ट ओके कर दिया तो उसे दस करोड़ मौके पर ही मिल जाएंगे। इसके बाद पीड़ित ने एंटी रेडियशन सूट, टेस्टिंग अन्य बहाने से आरोपियों ने उससे 5.6 लाख, 19 लाख, 24.6 लाख और 38 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद व्यवसायी से 5.6 लाख, 3.लाख व 42 लाख रुपये ले लिए। व्यवसायी की शिकायत पर मामला दर्जकर इंस्पेक्टर सुनील जैन व अरविंद की टीम ने जांच शुरू की।

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नकली कॉपर प्लेट, नासा का एंटी रेडियशन वैज्ञानिक सूट, एंटी रेडियशन केमिकल्स बरामद

इस टीम ने जांच के बाद पश्चिमी विहार निवासी वीरेन्द्र मोहन बरार (56) व उसका बेटा नितिन बरार उर्फ बाबा बरार (30) को गिरफ्तार कर लिया। ये खुद को रेहान मेटल्स, यूएस का एमडी बताता था। इनकेकब्जे से नकली कॉपर प्लेट, नासा का एंटी रेडियशन वैज्ञानिक सूट, एंटी रेडियशन केमिकल्स बरामद किया गया। इसका बेटा वैज्ञानिक बनता था। आरोपी वीरेन्द्र मोहन बरार वर्ष 1990 में मोटर वर्कशॉप चलाता था। कम आय केचलते ये लोगों के साथ ठगी करने लगे। वीरेन्द्र मोहन बरार का भाई फरार है।  

ऐसे करते थे ठगी- 
आरोपी पीड़ित से कहते थे कि इनकेपास राइस पुल्लर(कॉपर प्लेट) है। उस पर बिजली गिरेगी तो उसमें रेडियो एक्टिविटी होगी। इस प्लेट पर नासा रिसर्च करती है। प्लेट को चैक करने के लिए नासा से वैज्ञानिक व कैमिकल आएगा। ये पीड़ित से वैज्ञानिक बुलाने व केमिकल का खर्चा ले लेते थे। इसके बाद आरोपी का बेटा वैज्ञानिक बन जाता था। वे पीड़ित से कहते थे कि अमेरिका से वैज्ञानिक आ गया है और जांच के लिए किसी दूसरी जगह जाना है।

 वे जानबूझकर ऐसी पहाड़ी जगह चुनते जहां मौसम खराब हो। मौसम खराब केचलते प्लेट की जांच नहीं हो पाती थी। ये  वैज्ञानिक को फिर भारत बुलाने केनाम पर पैसा ऐंठते थे। आरोपी ये भी कहते है कि प्लेट की जांच के दौरान एंटी रेडियशन सूट पहनना होता है। ये सूट अमेरिका से मंगाना पड़ता है और दस लाख में आता है। ये पीड़ित को सूट देने के नाम पर उससे दस लाख रुपये ऐंठ लेते थे।  
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