इस टीम ने जांच के बाद पश्चिमी विहार निवासी वीरेन्द्र मोहन बरार (56) व उसका बेटा नितिन बरार उर्फ बाबा बरार (30) को गिरफ्तार कर लिया। ये खुद को रेहान मेटल्स, यूएस का एमडी बताता था। इनकेकब्जे से नकली कॉपर प्लेट, नासा का एंटी रेडियशन वैज्ञानिक सूट, एंटी रेडियशन केमिकल्स बरामद किया गया। इसका बेटा वैज्ञानिक बनता था। आरोपी वीरेन्द्र मोहन बरार वर्ष 1990 में मोटर वर्कशॉप चलाता था। कम आय केचलते ये लोगों के साथ ठगी करने लगे। वीरेन्द्र मोहन बरार का भाई फरार है।
ऐसे करते थे ठगी-
आरोपी पीड़ित से कहते थे कि इनकेपास राइस पुल्लर(कॉपर प्लेट) है। उस पर बिजली गिरेगी तो उसमें रेडियो एक्टिविटी होगी। इस प्लेट पर नासा रिसर्च करती है। प्लेट को चैक करने के लिए नासा से वैज्ञानिक व कैमिकल आएगा। ये पीड़ित से वैज्ञानिक बुलाने व केमिकल का खर्चा ले लेते थे। इसके बाद आरोपी का बेटा वैज्ञानिक बन जाता था। वे पीड़ित से कहते थे कि अमेरिका से वैज्ञानिक आ गया है और जांच के लिए किसी दूसरी जगह जाना है।
वे जानबूझकर ऐसी पहाड़ी जगह चुनते जहां मौसम खराब हो। मौसम खराब केचलते प्लेट की जांच नहीं हो पाती थी। ये वैज्ञानिक को फिर भारत बुलाने केनाम पर पैसा ऐंठते थे। आरोपी ये भी कहते है कि प्लेट की जांच के दौरान एंटी रेडियशन सूट पहनना होता है। ये सूट अमेरिका से मंगाना पड़ता है और दस लाख में आता है। ये पीड़ित को सूट देने के नाम पर उससे दस लाख रुपये ऐंठ लेते थे।