वाहन चालक संजीव ने बताया कि उन्होंने पासटैग बनवाया हुआ था। 735 रुपये देकर पूरे महीने वह टोल से आवागमन करते थे। फास्टैग लगने के बाद उन्हें प्रतिदिन 130 रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है।
फास्टैग से यह राशि कट रही है। चालक विरेंद्र ने बताया कि वह महीने में 15 दिन गुरुग्राम आते हैं। हर बार आने-जाने में 130 रुपए देने पड़ते थे। ऐसे में उन्होंने पासटैग बनवा लिया था। पासटैग समाप्त होने पर उन्होंने गाड़ी पर फास्टैग लगवा लिया, लेकिन अब उन्हें प्रत्येक चक्कर पर आने-जाने के 130 रुपए टोल पर खर्च करने पड़ रहे हैं।
लोगों को जागरूक करने के लिए 20 टोल कर्मियों को लगाया : प्रोजेक्ट हेड
खेड़कीदौला टोल पर वाहन चालकों को फास्टैग के लिए जागरूक किया गया। खेड़कीदौला टोल के प्रोजेक्ट हेड राजेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि वाहनों के लिए फास्टैग लेन निर्धारित कर दी गई है। इसके बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 20 टोल कर्मियों को लगाया गया है। यह टोलकर्मी बिना फास्टैग लगाए वाहन चालकों को पीछे से ही नकद लेन की तरफ जाने व टोल प्लाजा पर असुविधा से बचने के लिए वाहन पर फास्टैग लगवाने की अपील कर रहे हैं।
पासटैग को फास्टैग में तब्दील करवाने के लिए वाहन चालकों को टोल प्लाजा कार्यालय में आवेदन करना होगा। निर्धारित मासिक फीस जमा करवाने के बाद पासटैग में यह विकल्प सक्रिय कर दिया जाएगा। - राजेंद्र सिंह भाटी, प्रोजेक्ट हेड, खेड़कीदौला