फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उबर रेप दोषी चालक को कोर्ट आज दे सकती है सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
उबर कैब रेप केस मामले में दोषी कैब चालक शिव कुमार यादव को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट मंगलवार को सजा सुना सकती है। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव का कहना है कि वे शिव कुमार यादव के लिए अधिकतम सजा देने की मांग करेंगे।
विज्ञापन


जिस धारा के तहत अदालत ने उसे दोषी करार दिया है उसमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। शिव कुमार यादव को उम्रकैद की सजा देने के लिये पर्याप्त साक्ष्य हैं।

उसने दुष्कर्म करते हुए पीड़िता का गला दबाया जिससे उसकी जान पर खतरा पैदा हो गया था। इसके अलावा उसने पीड़िता से मारपीट की और प्राइवेट पार्ट में सरिया घुसाने की धमकी दी।
विज्ञापन

शिव कुमार के खिलाफ कई संगीन धाराओं में दोषी ठहराया था

उसने जान से मारने की धमकी दी। मालूम हो कि अदालत ने 23 अक्तूबर को दोषी की सजा पर बहस के लिये तीन नवंबर की तारीख तय की थी।

स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शिव कुमार यादव को पीड़िता को जान का डर दिखाकर दुष्कर्म, अपहरण, धमकी देने, चोट पहुंचाने संबंधी धाराओं में बीस अक्तूबर को दोषी ठहराया था।

इससे पहले तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष 23 अक्तूबर को शिव कुमार यादव को पेश नहीं किया जा सका था, जिससे उसकी सजा पर बहस टल गई थी। कोर्ट ने सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तारीख दी थी।

ये है पूरा मामला

गुड़गांव की एमएनसी में काम करने वाली पीड़िता ने अपने दोस्तों के साथ पांच दिसंबर 2014 की रात वसंत विहार में पार्टी की थी। पार्टी के बाद उसके मित्र ने पीड़िता को घर भेजने के लिए मोबाइल ऐप के जरिये इंद्रलोक के लिए उबर कंपनी की कैब बुकी थी।

इस बुकिंग पर चालक शिव कुमार यादव पीड़िता को उसके घर इंद्रलोक छोड़ने गया था। पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने कहा था कि, रास्ते में उसकी आंख लग गई थी। आंख खुली तो उसने देखा कि कैब एक सुनसान जगह पर खड़ी है।

चालक शिव कुमार पिछली सीट पर उसके पास आने की कोशिश कर रहा है। जब पीड़िता ने शोर मचाने की कोशिश की तो शिव कुमार ने उसकी गर्दन पकड़ ली और उसे थप्पड़ मारे।

पीड़िता की घबराहट का फायदा उठाकर शिव ने किया था रेप

पीड़िता को चुप करने के लिए शिव कुमार ने कहा कि अगर वह चिल्लाई को उसके प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड घुसा देगा। उसका भी वही हाल करेगा जो 16 दिसंबर को सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता का हुआ था।

पीड़िता इससे घबरा गई और इसका फायदा उठाकर शिव कुमार ने उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद वह पीड़िता को उसके घर के पास छोड़कर मौके से फरार हो गया।

घर पहुंचकर पीड़िता ने मामले की सूचना पुलिस को दी। केस दर्ज करने के बाद दिल्ली पुलिस की कई टीमें शिव कुमार की तलाश में जुट गई थीं। दिल्ली पुलिस ने सात दिसंबर 2014 को मथुरा से गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन

इन धाराओं में ठहराया गया दोषी

376(2)(एम) (दुष्कर्म के दौरान पीड़िता को ऐसी चोट पहुंचाना जिससे उसकी जिंदगी खतरे में पड़ जाए):- इस धारा में आजीवन कारावास की सजा तक का प्रावधान है।

366 (अवैध संबंध बनाने के इरादे से महिला का अपहरण करना):- 10 साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान।

323 (चोट पहुंचाना)- एक साल तक की कैद व जुर्माने का प्रावधान।

506 (जान से मारने की धमकी देना)- सात साल तक की कैद व जुर्माने का प्रावधान।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें