कृषि प्रधान देश में किसानों का बड़ा महत्व है। विशेष रूप से युवा किसान देश की उन्नति का बड़ा कारण बन सकते हैं। ऐसे में जरूरत है कि युवा किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण देकर उन्हें आगे आने के अवसर दिए जाएं।’ यह कहना है राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का। वे दो दिवसीय फरीदाबाद प्रवास के अंतिम दिन रविवार को सेक्टर-16 स्थित किसान भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
वर्ष में एकबार होने वाली इस बैठक से स्थानीय नेताओं, विधायक, सांसद, मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ ही मीडिया को भी दूर रखा गया था। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की दिल्ली एवं हरियाणा प्रांत की कार्यकारिणी की बैठक में शनिवार को डॉ. भागवत ने प्रबुद्धजनों से श्रेणी अनुसार संपर्क किया। इनमें शिक्षाविद्, डॉक्टर, उद्योगपति और सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख उपस्थित रहे।
रविवार सुबह फरीदाबाद की सभी शाखाओं के मुख्य शिक्षक, कार्यवाहों से शाखाओं द्वारा उनके कार्य क्षेत्र में चल रहे सेवा कार्य और व्यक्ति निर्माण पर चर्चा की गई। इसके बाद हरियाणा और दिल्ली प्रांत स्तरीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई। इसमें डॉ. भागवत ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम विकास के आयाम, सामाजिक समरसता और जैविक खेती जैसे विषयों पर कार्य करने का आह्वान किया।
हरियाणा राज्य के प्रांत संघचालक पवन जिंदल ने बैठक में बताया कि दिल्ली प्रांत में 1319 बस्तियों में 2014 और हरियाणा प्रांत के ग्रामीण 156 खंडों और 101 नगरों के 801 स्थानों पर 1134 शाखाएं चल रही हैं।