विद्युत अधिनियम में केंद्र सरकार की तरफ से प्रस्तावित संशोधनों के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोर्चा खोल रखा है। इस बारे में गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखने के दूसरे दिन रविवार को केजरीवाल ने भाजपा व एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। केजरीवाल ने अपील की है कि सभी मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से मुलाकात कर प्रस्तावित संशोधनों से पैदा होने वाले खतरों की जानकारी दें।
अपने पत्र में केजरीवाल ने माना है कि भाजपा-एनडीए से होने के नाते केंद्र के खिलाफ बोलना इनके लिए आसान नहीं होगा। फिर भी, प्रस्तावित संशोधन इतने खतरनाक हैं कि उनसे प्रधानमंत्री को आगाह कराना बेहद जरूरी है। केजरीवाल ने भाजपा के मुख्यमंत्रियों से गुजारिश की है कि वह निजी तौर पर प्रधानमंत्री से मुलाकात कर संभावित खतरों की जानकारी उनको दें।
अरविंद केजरीवाल ने आगे लिखा है कि केन्द्र सरकार इन संशोधनों को संसद के शीतकालीन सत्र में पास करवाना चाहती है। अगर यह पास हो जाते हैं तो बिजली क्षेत्र की सारी शक्तियां केन्द्र सरकार में निहित हो जाएंगी। राज्य सरकारें कोई भी फैसला नहीं ले सकेंगी। यही नहीं, केजरीवाल ने पत्र में कहा है कि इससे बिजली के दाम में भारी बढोत्तरी होगी। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार और किसान बुरी तरह पिस जाएंगे।