बीमारी एवं धूप से किसानों का होगा बचाव
ड्रोन के इस्तेमाल से किसान अब घर बैठे अपने खेतों में काम कर सकेंगे। उन्हें ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। वहीं भीषण गर्मी में हीट स्ट्रोक एवं लू के शिकार भी नहीं बनेंगे। इससे इन बीमारियों से ग्रसित होकर काल का ग्रास बनने वालों की संख्या में भी कमी आएगी। कंपनी अधिकारी ने बताया कि इसके इस्तेमाल से पारंपरिक कृषि पद्धतियों में क्रांति आएगी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हुए फसल की पैदावार बढ़ेगी।
डीपफेक को रोकेगा यह खास सॉफ्टवेयर
साइबर खतरों, डेटा चोरी, नार्को आतंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय अपराधों जैसी अन्य चुनौतियों से भी लोगों का बचाव हो सकेगा। डीप फेक डिटेक्शन तकनीक का खास सेगमेंट है, जो एक उन्नत एआई इंजन पर चलता है। यह एआई-जनित जालसाजी को उजागर करने के लिए विभिन्न डिजिटल प्रारूपों का विश्लेषण करता है। डीपफेक तकनीक गहन शिक्षण और एआई का उपयोग करके फेक कंटेंट का पता लगाती है। मेक इन इंडिया की तर्ज पर डीपफेक डिटेक्शन इंजन बनाया गया है।
नए कानून को ध्यान में रखते हुए फैराडे बैग बनाया
नए आपराधिक कानूनों की शुरूआत के बाद बीएनएस फोरेंसिक जांच पर जोर दिया गया है। कंपनी के कर्मचारी राहुल ने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने फोरेंसिक विशेषज्ञों के लिए लंबी बैटरी बैकअप, विशेष स्मार्ट टैबलेट और एक ही किट में विभिन्न उपकरणों के लिए कई कनेक्टर के साथ कंपनी की विशेष तकनीक में रुचि दिखाई है। एक ‘फैराडे बैग’ भी प्रदर्शित किया है, जिसका उपयोग डिजिटल साक्ष्य के संग्रह और विश्लेषण के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा के लिए किया जा सकता है।