किसानों के कर्ज माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित किसानों के अन्य मांगों को लेकर देश में एक बार फिर से किसान यूनियन आंदोलन करने की तैयारी की तैयारी कर रहे हैं। रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 119वीं जयंती के अवसर पर देशभर से आए हजारों किसान दिल्ली के विजय घाट पर एकजुट हुए। किसान सम्मान दिवस के अवसर पर किसानों ने पहले लाल बहादुर शास्त्री की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद पास में बैठक की, करीब तीन घंटे तक चली बैठक में कई विषयों पर चर्चा हुई।
इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों में किसानों की हालत सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान किसान नेता डीपी यादव, जय किशन, वाजिद अली सहित अन्य किसान नेताओं ने कहा कि अगले कुछ दिनों तक किसान यूनियन की बैठक होगी। इस बैठक के बारे में भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अंबावता ने बताया कि सभी किसान यूनियन के साथ बैठक कर अगले 15 दिनों में आंदोलन से जुड़े मुद्दे को लेकर घोषणा की जाएगी।
उनका कहना है कि देश में किसानों की हालत ठीक नहीं है। बड़े व्यापारी और अमीर होते जा रहे हैं, जबकि किसान और गरीब होते जा रहे हैं। किसानों ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना का दाम पर्याप्त नहीं मिल रहा। अभी किसानों को 300 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से दाम मिल रहे हैं जिसे बढ़ाकर 500 रुपये किया जाना चाहिए। किसानों को मिलने वाले लोन की राशि बढ़ाया जाना चाहिए।