अखिल भारतीय किसान सभा ने गांव बीरौंडा, सिरसा, खानपुर और मलकपुर में जनसभाएं आयोजित की। जिसमें सैकड़ो लोगों ने हिस्सा लिया। किसानों का कहना है कि वह अपना हक लेकर रहेंगे।
नए जमीन अधिग्रहण कानून को लागू कराने और आबादी के मुद्दों को लेकर किसान सभा 30 जनवरी को ग्रेनो प्राधिकरण पर प्रदर्शन करेगी। किसान गांव-गांव जाकर सभाकर 30 जनवरी के आंदोलन के लिए हजारों की संख्या में प्राधिकरण पर आने का आह्वान कर रहे हैं।
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तुगलपुर गांव में किसानों ने आंदोलन को समर्थन दिया है। सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि आंदोलन के पहले चरण में प्राधिकरण ने किसान सभा से लिखित समझौता किया है, लेकिन 10 फीसदी का मुद्दा अब भी अधर में है। संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा ने कहा कि यह किसानों के हक की लड़ाई है। नए कानून में दिए जाने वाले लाभों से वंचित किया जा रहा है।
वहीं, अखिल भारतीय किसान सभा ने गांव बीरौंडा, सिरसा, खानपुर और मलकपुर में जनसभाएं आयोजित की। जिसमें सैकड़ो लोगों ने हिस्सा लिया। जनसभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकार बड़े पूंजी पतियों के साथ गठजोड़ बनाकर कार्य कर रही है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था किसानों के साथ छल हुआ है। किसान लागत से भी कम दाम पर अपनी फसल बेचने को मजबूर है, आत्महत्या करने को मजबूर है।
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किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा की 30 जनवरी का आंदोलन 10% आबादी प्लाट के लिए किया जा रहा है। जिसमें हजारों किसान उत्साह के साथ हिस्सा लेने आ रहे हैं। किसान अपना हक लेने आ रहे हैं, पक्का मोर्चा लगाएंगे और हक लेकर ही घर वापस जाएंगे। किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष अजब सिंह नेताजी ने एलान किया कि पहले चरण में हमने 10 परसेंट सहित अन्य मुद्दों को प्राधिकरण बोर्ड से पास कराया है। अब शासन से अनुमोदन प्राप्त करने के लिए आंदोलन होगा। लड़ाई आर पार की होगी, जिस तरह पिछली बार हुई थी।