इस साल शुरू से ही किसान गेहूं खरीद को लेकर परेशान हैं। अधूरी तैयारियों के बीच गेहूं खरीद की प्रक्रिया देरी से शुरू हुई। खरीद शुरू हुई तो अब किसानों को उनकी फसल का पैसा नहीं मिल रहा है। भुगतान नहीं होने से मंडियों में समस्या खड़ी हो गई है। छह दिन पहले बेचे गए गेहूं का भुगतान किसानों को आज नहीं हो पाया है, जबकि ऑनलाइन व्यवस्था के तहत तीन दिन के अंदर भुगतान का नियम है।
खरीद एजेंसियों के ढुलमुल रवैये के कारण अनाज मंडी की व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। मंडियों और खरीद केंद्र से बोरियों का उठान न होने से चारों ओर गेहूं-गेहूं ही नजर आने लगा है। वारदाना मंडी तक नहीं पहुंचने से गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है।
एफसीआई और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग भुगतान के मामले में लापरवाही बरत रहे हैं। इसके चलते व्यापारी और किसान दोनों परेशान हैं। आढ़तियों ने बताया कि पांच अप्रैल को एफसीआई ने गेहूं की खरीद की थी। छह दिन बाद भी भुगतान नहीं किया गया। यही हाल खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का है। एजेंसी ने छह अप्रैल को खरीद की। लेकिन वह भी भुगतान करने में असमर्थता जाहिर की जा रही है। आढ़तियों को भुगतान न होने से वे किसानों की रकम अटक गई है। गेहूं बेचने के बाद भी किसान मंडी में डटे हुए हैं या फिर रोजाना अपनी रकम के लिए चक्कर लगा रहे हैं। इस कारण किसानों में रोष भी है।
पहले तो सरकारी एजेंसियों ने गेहूं की समय से खरीद शुरू नहीं की। खरीद शुरू हुई तो भुगतान नहीं हो पा रहा है। एजेंसियों से पैसा न मिलने का हवाला देकर आढ़ती भी हाथ खड़े कर रहा है।- ज्ञानप्रकाश, गांव नंगला भीकू
सरकारी एजेंसियां गेहूं का भुगतान करने में आनाकानी कर रही हैं। भुगतान न होने के कारण नई फसल में दिक्कत आ रही हैं। सोचा था कि पैसे सही समय पर मिलेंगे तो कुछ घर का सामान भी खरीद लूंगा।- हरजीवन, गांव घघौला
आज वेयरहाउस कॉरपोरेशन ने भुगतान कर दिया है। लेकिन एफसीआई और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अभी भी भुगतान अटकाए हुए है। आढ़ती परेशान हैं।- सुनील भारद्वाज, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन