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कृषि विधेयक का विरोधः दिल्ली बॉर्डर पर ही रोके गए किसान, वहीं लगाई महापंचायत

Sat, 26 Sep 2020 04:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली 
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बॉर्डर पर महापंचायत... - फोटो : अमर उजाला
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कृषि विधेयक के खिलाफ देशभर के किसानों ने शनिवार को भारत बंद का आह्वान किया था। इस आह्वान के तहत भारतीय किसान यूनियन की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की तरफ बढ़ रहे थे। लेकिन किसानों को सुबह ही दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। दिल्ली प्रवेश पर रोक लगाए जाने के बाद किसानों की ओर से दिल्ली बॉर्डर पर ही महापंचायत लगा दी गई।
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यहीं से किसानों की ओर से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के नाम संदेश दियए गये। किसानों ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने जबरन लागू किए गए किसान विरोधी केंद्रीय कृषि विधेयक को वापस नहीं लिया तो वह विराट स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

लगभग 4 घंटे बंद रहा दिल्ली नोएडा बॉर्डर
सुबह करीब 10 बजे नोएडा बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया था। उतर प्रदेश से दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे किसानों को दिल्ली पुलिस ने बॉर्डर से आगे नहीं बढऩे दिया। इस बात से आक्रोशित किसानों ने नोएडा गेट को करीब 4 घंटे तक घेरे रखा। किसानों ने अपने वाहनों को जिनमें ट्रैक्टर, ट्राली व अन्य गाडियां शामिल थीं, उन्हें सड़क के दोनों तरफ लगा दिया था। जिसके कारण दोपहर दो बजे तक करीब चार घंटे तक दोनों तरफ का रास्ता बंद रहा।
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बॉर्डर पर ही किसानों ने लगाई महापंचायत
दिल्ली जाने से रोके जाने पर भारतीय किसान यूनियन के सदस्य विनोद गुर्जर की अध्यक्षता में सैकड़ों किसानों ने नोएडा गेट पर ही महापंचायत शुरू कर दी। इस महापंचायत का संचालन कर रहे अशोक भाटी ने चौधरी टिकैत जिंदाबाद के नारों के साथ किसानों के हक की बात की। उन्होंने कहा कि क्या हुआ यदि किसानों को दिल्ली में घुसने नहीं दिया गया। लेकिन केंद्र सरकार को यह बात समझनी होगी कि उनके द्वारा पास किया गया केंद्रीय कृषि विधेयक 70 प्रतिशत किसानों के खिलाफ है। जिस प्रकार से पिछली सरकारों ने 60 साल तक किसानों के साथ छलावा किया, मौजूदा सरकार भी उसी रास्ते पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा सरकार किसानों के लिए ऐसा कानून लागू करे कि यदि एमएसपी से नीचे कोई किसानों की फसल खरीदो दे तो उस पर कार्रवाई की जाए। 

महापंचायत को मिला राजनीतिक दलों का समर्थन
भारतीय किसान यूनियन ने अपने इस आंदोलन में शामिल होने के लिए देश के सभी नागरिकों को आमंत्रित किया था। इसी कड़ी में शनिवार को कांग्रेस व वामपंथी दलों के अलावा दर्जनभर दूसरे राजनीतिक, सामाजिक संगठनों ने इसे अपना समर्थन दिया। कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके राजेंद्र शर्मा ने भी अपने समर्थकों के साथ किसान आंदोलन का समर्थन किया।

कुछ लोग जंतर-मंतर पर भी पहुंचे
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के जनरल सेक्रेटरी हन्नन मुल्ला की अध्यक्षता में करीब दर्जन भर लोग जंतर-मंतर पर भी केंद्रीय कृषि विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे थे। लेकिन इन लोगों को पुलिस ने संसद मार्ग पर ही रोक दिया। बाद में लोग यहीं से वापस लौट गए।

दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर भी बरती गई सख्ती
इसी प्रकार दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर भी छिटपुट संख्या में किसानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की ओर से इन्हें किसी भी हालत में दिल्ली में प्रवेश करने से मना कर दिया गया।
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