राजधानी में संक्रमण के मामले भले ही बढ़ रहे हों, लेकिन कोरोना से होने वाली मौतों में कमी आ रही है। अब दैनिक संक्रमितों के मुकाबले कम लोगों की मौत हो रही है। इससे दिल्ली में कोरोना से मत्यु दर दो फीसदी से भी कम हो गई है। अप्रैल के बाद पहली बार यह दर इतनी कम हुई है। सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों और प्रत्येक वर्ग के सहयोग से मृत्यु दर को कम करने में सफलता मिली है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस समय कुल संक्रमितों की संंख्या 260623 है। इनमें से 5123 लोगों की मौज हो चुकी है। लिहाजा, राजधानी में कुल मृत्यु दर 1.9 फीसदी है। जून में संक्रमण के 67,800 मामले आए थे और 2,200 लोगों की मौत हुई थी। तब मृत्यु दर 3.2 फीसदी थी। इस माह अब तक 85,875 मामले आए हैं और 679 मौत हुई हैं। सितंबर में मृत्यु दर एक फीसदी से भी कम है।
अपोलो अस्पताल के डॉक्टर यश गुलाटी बताते हैं कि रोजाना औसतन 35 लोगों की मौत हो रही है। यह आंकड़ा अगस्त के मुकाबले ज्यादा है, लेकिन दैनिक संक्रमितों के लिहाज से देखें तो यह संख्या काफी कम है। जून और जुलाई के दौरान 1500 मामले आने पर ही 80 लोगों की मौत हो रही थी। अब चार हजार केस आने पर 35 मौतेें हो रही है। इससे मृत्यु दर में कमी आ रही है।
मृत्यु दर को शून्य पर लाने की कोशिश
दिल्ली सरकार की कोशिश है कि मौतों के आंकड़े को शून्य पर लाया जाए। पिछले माह सरकार ने मौतों के मूल्यांकन के लिए चार समितियों का गठन किया था। समितियों ने सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी। उसमें मौत की संख्या को कम करने के कई सुझाव दिए गए थे। सरकार ने उन्हें लागू किया। इसके तहत सभी अस्पतालों में समय पर गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें आईसीयू में भर्ती किया जा रहा है। साथ ही आईसीयू बेड भी बढ़ाए जा रहे हैं। मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने वाले समय को भी कम किया गया है। इसके लिए वेटिंग एरिया में भी मरीज के इलाज के लिए इंतजाम किए गए। इससे कोविड अस्पतालों में होने वाले मौत में भी कमी आई है।
ऐसे कम हुई मृत्यु दर
महीना: मामले: मौत: मृत्यु दर
जून 67800 2,200 3.2
जुलाई 47900 1,160 2.5
अगस्त 39,150 751 2
सितंबर 85875 679 0.8
नोट-आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं और 24 सितंबर तक के हैं। दर फीसदी में है।