कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान नेताओं से बातचीत खत्म होने के बाद प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि हमने किसान नेताओं को कहा है कि एमएसपी जारी रहेगा, इसे कोई खतरा नहीं है। इस पर शक करना बेबुनियाद है। फिर भी, अगर किसी को संदेह है तो सरकार इसे सुलझाने के लिए तैयार है। उन्होंने बैठक में किसान नेताओं से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को प्रदर्शन स्थलों से घर वापस भेजने की अपील की।
केंद्र सरकार से पांचवें दौर की बातचीत खत्म होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने बताया कि सरकार एक मसौदा तैयार करेगी और हमें देगी। केंद्र ने कहा है कि वे इस पर राज्यों से भी सलाह लेंगे। टिकैत ने बताया कि आज की बैठक में न्यूनत समर्थन मूल्य पर भी चर्चा हुई है लेकिन हमने कहा कि कानूनों पर भी बातचीत हो और इसे वापस लिया जाए। वहीं प्रस्तावित भारत बंद के बारे में उन्होंने कहा कि 8 दिसंबर को भारत बंद किया जाएगा।
सरकार और किसान नेताओं के बीच पांचवें दौर की वार्ता खत्म हो गई है। किसान नेता विज्ञान भवन से बाहर आ गए हैं और वो अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने कहा कि ट्विटर पर चीजों को घुमाया जाता है, मुद्दों को ना भटकाया जाए। हाथ जोड़कर विनती करता हूं, सरकार से भी गुजारिश है कि हमारे किसान भाइयों की मांगों को मान ले। यहां सब शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हैं कोई खून-खराबा नहीं हो रहा है।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मैं अपील करता हूं कि बुजुर्ग और बच्चे प्रदर्शन स्थल से अपने घर लौट जाएं।
बिलासपुर, उत्तराखंड से किसान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर बॉर्डर(दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर) प्रदर्शनकारी किसानों के साथ प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे हैं।
गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ट्विटर पर तो किसानों को अपना समर्थन दे ही रहे थे, शनिवार को वह सिंघु बॉर्डर पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों को संबोधित किया। उन्होंने यहां कहा कि हमारा केंद्र सरकार से सिर्फ एक निवेदन है कि वह हमारे किसानों की मांग को पूरी करे। हर कोई यहां शांतिपूर्ण ढंग से बैठा है और पूरा देश किसानों के साथ है।
करीब तीन घंटे से चल रही सरकार और किसानों की बैठक से सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि किसानों ने कड़ा रुख अख्तियार किया हुआ है। उनका कहना है कि हमने अपनी मांगें बता दी हैं और अब ज्यादा बातचीत का कोई मतलब नहीं है। अब हमें सिर्फ हल चाहिए, हमारी समस्या का समाधान चाहिए।
पांचवें दौर की वार्ता में शामिल जम्हूरी किसान सभा के जनरल सेक्रेटरी कुलवंतत सिंह संधु ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि कनाडा की संसद में सांसदों ने किसानों का मुद्दा उठाया तब कनाडा के पीएम ने भारत सरकार को खत लिखा। अगर कनाडा की संसद में इस मुद्दे पर बहस हो सकती है तो हमारी संसद में क्यों नहीं।
दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर यानी गाजीपुर बॉर्डर पर पीएम मोदी और केंद्र सरकार का पुतला फूंकने जा रहे किसानों से पुलिस ने पुतला छीन लिया।
दिल्ली जाते वक्त जीरो प्वॉइंट से पुलिस ने किसानों को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया। पुलिस लाइन में किसान हुक्का गुड़गुड़ाते देखे गए। वहीं महिला किसानों को रोकने के लिए एडिशनल डीसीपी विशाल पांडेय हाथ जोड़ते देखे गए।
किसानों ने आज भी विज्ञान भवन में अपना लाया खाना ही खाया। किसानों का खाना कार सेवा की गाड़ी लेकर आई थी। खाना विज्ञान भवन के अंदर लाया गया जिसके बाद किसानों ने जमीन पर बैठकर खाना खाया।
ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आ रहे किसानों को पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे पर हिरासत में ले लिया। किसान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को तोड़कर दिल्ली की तरफ बढ़ने का प्रयास कर रहे थे।
मुंडाका सीमा पर यूथ कांग्रेस के चार दर्जन कार्यकर्ता दिल्ली किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे कि सूचना मिलते ही दलबल के साथ पुलिस और एसडीएम मुण्डाका सीमा पर पहुंच गए। जब उनको हरियाणा सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी तो कांग्रेस कार्यकर्ता अलवर-गुड़गांव मार्ग पर बैठ कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। सड़क पर दोनों ओर जाम लग गया, पुलिस के समझाने पर आधे घंटे बाद सड़क से हट गए। अब सुचारू रूप से सड़क चल रही है लेकिन पुलिस व कांग्रेस कार्यकर्ता सीमा पर ही डटे हुए हैं।
सरकार के साथ बैठक शुरू होने के बाद किसान नेताओं ने सरकार से बिंदुवार लिखित जवाब मांगा है। किसान नेताओं का कहना है कि हमने पिछली बैठक में जो बातें रखी थीं सरकार उनका बिंदुवार लिखित रूप में जवाब दे, जिसके सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
गुरुग्राम के राजीव चौक पर किसानों के समर्थन में कर्मचारी संघ के सदस्यों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। बता दें कि 5 दिसंबर को किसानों ने राष्ट्रव्यापी पुतला दहन का आह्वान किया है।
किसानों का प्रदर्शन दिनोंदिन व्यापक होता जा रहा है। इसे समाज के बड़े वर्ग का समर्थन मिल रहा है। इस कड़ी में अब मंदिर के महंतों का भी नाम जुड़ गया है। शनिवार को ग्रेटर नोएडा के जेवर में प्रदर्शनरत किसानों के समर्थन में जेवर मंदिर के महंत चंद्रमणि जी महाराज आज धरने पर बैठ गए हैं।
विज्ञान भवन में पांचवें दौर की किसान नेताओं और केंद्र सरकार की वार्ता शुरू हो चुकी है।
दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के समर्थन के लिए पहुंचे हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आंदोलनकारी किसानों से बातचीत करने के लिए विज्ञान भवन पहुंचे।
आजाद किसान संघर्ष समिति के पंजाब के राज्य प्रमुख हरजिंदर सिंह टांडा ने कहा कि हम चाहते हैं कि कानूनों का वापस लिया जाए। अगर सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी, तो हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
केंद्र सरकार के साथ पांचवें दौर की बातचीत करने के लिए किसान प्रतिनिधि विज्ञान भवन पहुंच गए हैं। इस दौरान दोआबा किसान संघर्ष समिति के हरसुलिंदर सिंह कहते हैं कि हम चाहते हैं कि कानूनों को वापस लिया जाए। हम कानूनों में संशोधन के लिए सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेंगे।
हरियाणा में फरीदाबाद के बल्लभगढ़ शहर में किसान आंदोलन प्रवेश हो गया। इस दौरान किसानों ने बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सिंंघु बॉर्डर से बसों में निकले किसान नेता विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं। यहां किसान और सरकार की पांचवें दौर की बैठक होनी है। एक नेता ने यहां कहा कि हम तीनों कानूनों को वापस लेने से कम में कोई बात नहीं मानेंगे। इसके साथ ही हर बात लिखित रूप में ही मानी जाएगी, तभी आंदोलन खत्म होगा।
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल किसानों के समर्थन मेें गांधी मैदान में प्रदर्शन कर रही है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि हम केंद्र सरकार से अपील करते हैं काले कृषि कानून को वापस ले।
किसानों को कई पार्टियों की तरफ से समर्थन हासिल हो रहा है। आज सुबह ही जहां गाजीपुर बॉर्डर पर कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पहुंचे, वहीं चिल्ला बॉर्डर पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पहुंचे हुए हैं।
चिल्ला बॉर्डर पर स्थाई बैरिकेड लगाकर पुलिस ने बंद किया रास्ता।
सरकार के साथ दो बजे होने वाली बैठक के लिए किसान नेता रवाना हो चुके हैं। किसान नेताओं को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग मानते हुए तीनों बिलों को वापस लेगी, इसके साथ ही अन्य मांगें भी मानेगी।
दिल्ली में होने वाली मीटिंग में शामिल होने के लिए राकेश टिकैत ट्रैक्टर से जाने के लिए अड़े हैं। दिल्ली की तरफ तैनात पुलिस फोर्स ने उन्हें रोक लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक्टर की अनुमति दिल्ली में नहीं है, कार से ही मीटिंग में जाएं।
किसान आंदोलन को लेकर चर्चा के लिए आज पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी के घर पर बैठक हुई जो करीब दो घंटे तक चली।
निरंकारी समागम ग्राउंड में प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि हमें उम्मीद है कि आज सरकार के साथ बैठक का सकारात्मक नतीजा निकलेगा। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक सरकार हमारी मांगें नहीं मानेगी। हम अपने आंदोलन को और बड़ा बनाएंगे।
आज केंद्र सरकार के साथ कृषि कानूनों पर होने वाली बैठक पर किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह ने कहा कि आज आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी। आज बैठक में कोई और बात नहीं होगी, कानूनों को रद्द करने के लिए ही बात होगी।
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बाॅर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "सरकार बार-बार तारीख दे रही है, सभी संगठनों ने एकमत से फैसला लिया है कि आज बातचीत का आखिरी दिन है।" #FarmersProtest pic.twitter.com/Y2eqYZHuF0
इस वक्त चिल्ला बॉर्डर से आवाजाही बिल्कुल बंद कर दी गई है। इससे पहले दिल्ली से नोएडा की ओर आने वाला रास्ता खुला हुआ था। दरअसल जेवर में टोल प्लाजा पर किसानों का काफिला रोका लिया गया जिसके बाद चिल्ला बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि किसानों को न रोकेंं अन्यथा जिम्मेदार पुलिस प्रशासन होगा। जेवर में किसानों को रोके जाने के विरोध में चिल्ला बॉर्डर पर भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने बॉर्डर बंद करने का आह्वान किया। इसके बाद अब चिल्ला बॉर्डर पूरी तरह से आवाजाही के लिए बंद हो गया है।
किसान आंदोलन के मद्देनजर पीएम मोदी के आवास पर मंत्रियों की अहम बैठक चल रही है। इसमें गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल भी मौजूद हैं।
नोएडा लिंक रोड के पास चिल्ला बॉर्डर से नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता बंद है क्योंकि गौतमबुद्ध द्वार पर किसान आंदोलन कर रहे हैं। लोगों को सलाह है कि वह नोएडा लिंक रोड आने की बजाय दिल्ली जाने के लिए डीएनडी का इस्तेमाल करें।
किसानों के प्रदर्शन के चलते एनएच 24 पर स्थित गाजीपुर बॉर्डर एक तरफ से बंद रहेगा। यहां गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाला रास्ता किसानों के बैठने की वजह से बंद है। इसलिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का निवेदन है कि एनएच-24 पर जानें से बचें और दिल्ली जाने के लिए अप्सरा बॉर्डर/भोपरा/डीएनडी का उपयोग करें।
टिकरी, झरोडा बॉर्डर पूरी तरह से बंद रहेंगे। बदुसराय बॉर्डर हल्के वाहनों जैसे कार और दोपहिया वाहन के लिए खुला रहेगा।
मुकरबा और जीटी करनाल रोड से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। आउटर रिंग रोड, जीटी करनाल रोड और एनएच 44 पर जाने से बचें।
झटीकरा बॉर्डर सिर्फ दो पहिया वाहन के लिए खुला है। इसके अलावा हरियाणा के धांसा, दौराला, कापसहेड़ा, रजोकरी एनएच 8, बिजवासन/बजघेड़ा, पालम विहार और डूंडहेड़ा बॉर्डर खुले रहेंगे।
सिंघु, लामपुर, औचंदी, पियाऊ मनियारी और मंगेश बॉर्डर आज भी बंद रहेंगे। एनएच-44 दोनों तरफ से बंद है। साफियाबाद, सबोली, एनएच-8/भोपरा/अप्सरा/पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर परेशानी से बचें।
कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर टिकरी में डेरा डाले हुए हैं। केंद्र और किसानों के बीच आज पांचवें दौर की बातचीत होगी।
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर दिल्ली के लोगों की समस्या का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने लिखा, दिल्ली के प्रवेश द्वारों पर जुटे किसानों ने दिल्लीवासियों को बंधक बना दिया है। आप से अपील है कि इस मामले में दखल देकर दिल्लीवासियों की चिंता दूर करें।
किसानों के समर्थन में शुक्रवार को भी हस्तियों ने पुरस्कार और सम्मान वापस किए। भारत को पहला ओलंपिक मेडल दिलाने वाले राष्ट्रीय बॉक्सिंग कोच गुरबक्स सिंह संधू ने कहा, अगर सरकार किसानों की मांग नहीं मानती तो वे द्रोणाचार्य अवार्ड लौटा देंगे। साहित्य अकादेमी पुरस्कार जीतने वाले डॉ मोहनजीत, डॉ जसविंदर सिंह और पंजाबी पटकथा लेखक स्वराजबीर ने पुरस्कार वापस करने की घोषणा की।
वहीं, आज पूरे देश में सरकार और कॉरपोरेट के पुतले जलाए जाएंगे। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा, शनिवार को अगर सरकार हमारी बात नहीं मानती तो आंदोलन और बढ़ाएंगे। अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हनान मोल्लाह ने कहा, सरकार को तीनों कानूनों को वापस लेना होगा। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, जब तक सरकार किसानों की बात नहीं मानती आंदोलन जारी रहेगा।
कृषि कानूनों पर बृहस्पतिवार को सरकार से हुई बातचीत पर चर्चा के लिए शुक्रवार सुबह पहले सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के किसान संगठनों की बैठक हुई। इसके बाद देशभर से आए किसान नेताओं ने बैठक कर शनिवार की वार्ता के लिए रणनीति बनाई। बैठक के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने बताया, सरकार कानूनों में संशोधन के लिए तैयार है, लेकिन हमने साफ कहा है कि इन्हें वापस लेना होगा। किसान नेता हरिंदर पाल लखोवाल ने कहा, सरकार से कह दिया गया है कि कानून वापस लें। यदि मांग पूरी नहीं होती तो आठ दिसंबर को भारत बंद किया जाएगा।
आज होने वाली बातचीत से पहले फिर केंद्र सरकार पर दबाव डालने की कोशिश की है। शुक्रवार को सिंघु सीमा पर हुई महापंचायत के बाद किसान संगठनों ने आठ दिसंबर को भारत बंद का एलान किया। इसके साथ ही चेतावनी दी कि यदि नए कृषि कानून वापस नहीं लिए गए तो किसानों के हक में पूरा भारत बंद होगा। साथ ही देशभर के सभी टोल फ्री कर दिए जाएंगे। बृहस्पतिवार को हुई चौथे दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद शुक्रवार को लगातार नौंवे दिन किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं बैठे रहे।
कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर जमे किसान संगठनों और सरकार के बीच आज पांचवें दौर की बातचीत होगी। गुरुवार को हुई चौथे दौर की बातचीत में कोई सहमति नहीं बन पाई थी। किसान संगठन कानून को पूरी तरह वापस लेने पर अड़े हैं। इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की गई है।