हाईवे किसी तरह अवरुध न हो इसके लिए पुलिस की ओर से पूरी तैयारी की गई है। सभी बॉर्डर पर नाकाबंदी कर पुलिस की तैनाती की गई है। आमजन को किसी तरह की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। -अभिषेक जोरवाल, एसपी रेवाड़ी।
राजस्थान के किसानों का हरियाणा में प्रवेश करने से रोकने के लिए रेवाड़ी पुलिस ने सभी बॉर्डर को सील कर दिया है। इसके अलावा दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जगह-जगह बैरिकेड लगाकर पुलिस बल तैनात किया हुआ है। पुलिस की ओर से जयसिंहपुर खेड़ा, कोटकासिम- बोलनी बॉर्डर, खंडोडा बॉर्डर व भिवाड़ी की तरफ से धारूहेड़ा को आने वाले मार्ग पर नाकाबंदी कर बैरिकेड लगाए गए हैं। इतना ही नहीं बड़ी तादाद में पुलिस बल की तैनाती की गई है। हाईवे के साथ सर्विस लेन को भी पुलिस ने बंद किया हुआ है।
हरियाणा की रेवाड़ी पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए सीआईएसएफ, आरएएफ, वाटर कैनन की गाड़ियां व हाईवे पर कंटेनर लगाकर रास्ता बंद किया था। करीब एक घंटे तक किसानों व पुलिस के बीच तनातनी का माहौल रहा। बाद में किसान हाईवे पर ही बैठ गए। खेड़ा बॉर्डर पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार की रात को भी तीन जत्थों में गुजरात व महाराष्ट्र से करीब तीन हजार किसान पहुंचे हैं। वहीं शनिवार को राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल भी अपने समर्थकों के साथ बॉर्डर पर दिल्ली जाने के लिए पहुंचेंगे। सांसद ने पहले से ही चेतावनी दी है कि किसानों के साथ दिल्ली जाएंगे।
कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन के 13 दिन बाद हरियाणा-राजस्थान की सीमा पर स्थित खेड़ा बॉर्डर से किसानों ने दिल्ली कूच किया तो पुलिस ने हरियाणा सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। इससे शुक्रवार को दिल्ली-जयपुर हाईवे दोनों तरफ से पूरी तरह बंद हो गया। बता दें कि 13 दिसंबर से जयपुर से दिल्ली की ओर जाने वाली सड़क बंद थी लेकिन अब किसान दूसरी सड़क पर भी टेंट लगाकर बैठ गए हैं।
हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे किसानों से अपील है कि मंच पर आकर सरकार से बात करें। इन बिलों में उन्हें जो ऐतराज़ है, उसपर बात करें। सरकार मानने के लिए तैयार है, सरकार ने कई प्रावधानों को बदलने के लिए कहा भी है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि किसान को किसानी करनी है या मजदूरी करनी है, ये निर्णय केंद्र सरकार को करना होगा। इस मुद्दे पर हम एकजुट हैं, जब तक हम में ताकत है, हम विरोध करते रहेंगे। केंद्र सरकार ने किसानों को जो धोखा दिया है, उसका खामियाज़ा सरकार को उठाना पड़ेगा।
अलग अलग राज्यों की बैठक के बाद शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में पंजाब सहित देश के सभी किसान संगठनों के प्रमुख होंगे। इस बैठक में सरकार की ओर से बातचीत के लिए भेजे पत्र के सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा के बाद ही वार्ता पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
चिट्ठी मिलने से पहले किसानों ने एक दिन पहले कहा था कि किसान संगठन सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं। पहले भी जा चुके हैं और आगे भी अगर सरकार खुले मन और इस समस्या के समाधान के लिहाज से विचार करती है तो वार्ता हो सकती है। नई चिट्ठी के बारे में किसानों का कहना है कि सरकार जब एमएसपी के लिए लिखित गारंटी दे सकती है तो कानून बनाने में क्या परेशानी है। तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग किसान अभी भी अड़े हुए हैं।
इससे पहले किसानों की सरकार के साथ वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन बेनतीजा रहीं। एक महीने से तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की गारंटी के लिए कानून की मांग पर किसान डटे हुए हैं। सरकार की ओर से अब तक वार्ता के लिए की गई सिफारिशों को किसानों ने यह कहकर खारिज कर कि कानूनों को निरस्त करने से पहले बातचीत के लिए राजी नहीं हैं।
आंदोलनकारी किसानों को केंद्र सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद सभी किसान संगठनों के बीच आपसी चर्चाओं का दौर जारी है। किसान अभी भी तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर डटे हुए हैं। एमएसपी पर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन को कानून का रूप देने की भी किसानों की मांग है। शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के किसान संगठनों की बैठक में सभी पहलुओं पर चर्चा हुई। वहीं, शनिवार को देश भर के किसान संगठनों की बैठक के बाद ही सरकार से वार्ता पर किसानों का रुख साफ होगा।
ढासा बॉर्डर पर किसानों ने बादली बॉर्डर को फ्री करवाया जबकि हरियाणा के आसपास के शहरों के टोल भी करवाए गए। टोल फ्री करवाए जाने से अलग अलग मार्गों से दूसरे शहरों की ओर रुख करने वाले लोगों की चिंता सताती रही कि आवागमन में कहीं कोई बाधा न हो। किसान नेताओं ने स्पष्ट कर किया कि हमारा उद्देश्य आम लोगों को तकलीफ पहुंचाना नहीं है बल्कि सरकार और कॉरपोरेट्स को किसानों की समस्या से अवगत कराना है।
संयुक्त किसान मोर्चा का दावा है कि किसानों ने शुक्रवार को हरियाणा के सभी टोल प्लाजा को फ्री करवाया। दिल्ली के सीमावर्ती बादली बॉर्डर, बहादुरगढ़, मुरथल समेत सभी टोल 72 घंटे के लिए फ्री कर दिए गए हैं। हालांकि इस दौरान आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा गया। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिह चढ़ूनी ने कहा कि सभी टोल प्लाजा फ्री करवाए गए। आगे भी दो दिनों के लिए ऐसा ही रहेगा।
गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के दौरान एक व्यक्ति फ्री में लोगों के बाल काट रहा है। उसने बताया कि यहां मैं अपने बड़े-बूढ़ों की सेवा करने आया हूं। उन्हें समर्थन करने आया हूं। मैंने आज से ही यहां लोगों के बाल काटने शुरू किए हैं।
इस ट्रैक्टर में आगे और पीछे दोपहिया लगाए गए हैं। साथ ही एक विशेष ट्रॉली को भी बनाया गया है जिसमें बस की तर्ज पर सीटों की व्यवस्था की गई है। कुछ लोगों का जत्था इस ट्रैक्टर और ट्रॉली के पास दिनभर सेल्फी के लिए जुटा रहा।
टीकरी बॉर्डर पर शुक्रवार को दिनभर ट्रैक्टरों का प्रदर्शन चलता रहा। अपने साथ ट्रैक्टर लेकर पहुंचे किसानों ने देशभक्ति गीतों के साथ रैली निकाल ट्रैक्टरों का प्रदर्शन किया। इसमें सबसे आकर्षण का केंद्र महिंद्रा युवो रहा जिसे हरियाणा से खाप द्वारा विशेष रूप से मॉडिफाई करा लाया गया है।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा की तरफ से किसानों का बड़ा काफिला हापुड़ जिले में प्रवेश कर गया है। बृजघाट पहुंचे काफिले में बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉली समेत सैकड़ों किसान शामिल हैं। हाईवे-9 से दिल्ली की ओर कूच कर रहा है। हाइवे पर भारी पुलिस बल तैनात है।
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा है कि मुझे उम्मीद है कि किसानों और सरकार के बीच अगली बैठक में एक समाधान निकाला जाएगा। कई राज्यों के किसान भी नए कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं और प्रधानमंत्री को 'धन्यवाद' पत्र भेज रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन पंजाब की टीम डॉक्टरों के साथ चिल्ला बॉर्डर के धरनास्थल पर पहुंची और आंदोलन कर रहे किसानों से उनकी समस्या पूछकर दवा आदि दी।
नोएडा के दलित प्रेरणास्थल पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज थाली बजाकर केंद्र द्वारा लाए गए कृषि कानूनों का विरोध किया और उसे वापस लेने की मांग की।
फरीदाबाद में सराय टोल प्लाजा पर किसानों की तरफ से किए गए टोल फ्री के आह्वान का कोई असर नहीं दिखा। सुबह से ही कैश लाइन में पर्ची कटवाते देखे गए वाहन चालक।
केजरीवाल ने कृषि कानून को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे दावों को लेकर आज एक बार फिर निशाना साधा है। केजरीवाल ने ट्वीट किया, भाजपा का कहना है इन कानूनों से किसानों का कोई नुकसान नहीं होगा पर फायदा क्या होगा? ये कहते हैं अब किसान मंडी के बाहर कहीं भी फसल बेच पाएगा। पर मंडी के बाहर तो आधे दाम में फसल बिकती है? ये 'फायदा' कैसे हुआ? सच्चाई ये है कि इन कानूनों से ढेरों नुकसान हैं और एक भी फायदा नहीं।
कुछ लोग जो जमीनी आधार खो चुके हैं, समय-समय पर वो कंधों की तलाश करते हैं और आज किसान आंदोलन से किसान के कंधों पर अपनी वैचारिक बंदूक चलाकर अपना हित साधना चाहते हैं। किसानों के हमदर्द बनकर उनको गुमराह करने का जो पाप कर रहे हैं उसकी सजा आने वाले कल में जनता उनको देगी।
फरीदाबाद में सराय टोल प्लाजा पर किसानों के आह्वान पर टोल फ्री का कोई असर नहीं दिख रहा है। यहां लोग कैश लाइन से पर्ची लेते और जाते देखे जा रहे हैं।
जंतर मंतर पर पंजाब के कांग्रेसी नेताओं का धरना आज भी जारी है। शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी धरनास्थल पर पहुंचे। जंतर-मंतर से नेताओं ने सदन सत्र बुलाने की मांग की। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी हुई।
- दिल्ली जयपुर हाईवे पूरी तरीके से जाम
- दिल्ली से जयपुर मार्ग भी हुआ जाम
- भारी संख्या में किसान उतरे हाईवे पर पर
- हजारों की संख्या में किसान हाईवे पर मौजूद
- किसान दिल्ली कूच के लिए अड़े
- किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने किए पुख्ता इंतजाम
- जयपुर दिल्ली मार्ग पहले से ही किसानों ने कर रखा था जाम
सुशासन दिवस के मौके पर देश के किसानों को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, तब तक कोई कॉर्पोरेट किसानों से उनकी जमीन नहीं छीन सकता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को 6 राज्यों के किसानों को संबोधित कर रहे थे। इस बीच उन्होंने कृषि कानून के समर्थन में आए किसानों के बारे में भी जानकारी दी, जिसका यूपी गेट पर किसानों ने खुलकर विरोध किया, इस बीच किसानों ने प्रधानमंत्री के दावे को झूठा बताया।
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि पंजाब सहित थोड़े से कुछ किसान भाई-बहनों के मन में नए कानूनों को लेकर भ्रम पैदा हुआ है। मैं उनको आग्रह करता हूं कि वो इस आंदोलन को त्याग कर सरकार के वार्ता के निमंत्रण पर आएं। मुझे आशा है कि किसान नए कानून के मर्म और महत्व को समझेंगे और हम समाधान की ओर अग्रसर होंगे।
सयुंक्त किसान मोर्चा ने आज सांसदों के आवास पर ज्ञापन देने के कार्यक्रम में बदलाव किया है। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि अभी प्रदेश संगठन ने फैसला लिया है कि आज सांसद और मंत्री को चिट्ठी लिखी जाएगी। उसके बाद अगले चरण में ज्ञापन सौपेंगे। जबकि आज हरियाणा में सांसद और मंत्रियों के आवास पर ज्ञापन दिया जाएगा।
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जारी की। प्रधानमंत्री ने 9 करोड़ से अधिक किसान लाभार्थियों के खातों में 18,000 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की।
दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किसानों के लिए आयोजित कार्यक्रम में कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों के लिए तीन कानून बनाए गए हैं। लेकिन आज कुछ लोगों के द्वारा गलतफहमी पैदा की जा रही है कि एमएसपी खत्म कर दी जाएगी। मैं किसानों को वचन दे रहा हूं कि किसी भी कीमत पर एमएसपी खत्म नहीं होगी। वह आगे बोले, मैं अटल बिहारी जी के साथ चौधरी चरण सिंह जी को भी याद करना चाहूंगा, वे किसानों के सर्वमान्य नेता थे। चौधरी चरण सिंह जी को कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ने बार-बार धोखा दिया, जब वे यूपी के मुख्यमंत्री थे तो उस समय भी उनकी सरकार को गिराने का काम इन्ही दोनों पार्टियों ने किया।
किसानों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, जब नरेंद्र भाई प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना लेकर आए तब राहुल बाबा समेत विपक्ष के सारे नेता कहते थे कि किसानों का ऋण माफ करो। कांग्रेस की सरकार ने 10 साल में 60,000 करोड़ का ऋण माफ किया। नरेंद्र मोदी ने ढाई साल में ही 95,000 करोड़ सीधे किसानों के अकाउंट में डलवा दिए।
दिल्ली-नोएडा यानी चिल्ला बॉर्डर पर पांचवें दिन भी क्रमिक अनशन पर 11 किसान बैठे हैं। दरअसल बीते पांच दिनों से जहां भी किसान आंदोलन पर बैठे हैं वह 11 की संख्या में क्रमिक अनशन पर बैठे हैं।
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बाॅर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, 'हमें यहां बैठे हुए करीब एक महीना हो गया है, हमारी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। जब तक काले कानून वापस नहीं होंगे हम यहीं पर बैठेंगे।'
गाजीपुर बॉर्डर पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
किसानों का आंदोलन उग्र होने के चलते सरकार ने भी कमर कस ली है और तमाम प्रदर्शनस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। दिल्ली-यूपी बाॅर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बाॅर्डर पर सुरक्षा बल तैनात किया गया है।