बलराज कुंडू ने कहा कि ऐसे नेताओं को शर्म आनी चाहिए जो अन्नदाता को आतंकवादी और खालिस्तानी बता रहे हैं। उनको शायद इस बात का इल्म नहीं है कि वे जिस आटे से बनी रोटियां खाते हैं उसे उगाने में किसानों को अपने खेतों में खून पसीना एक करना पड़ता है।
बलराज कुंडू ने कहा कि अहंकार में डूबी सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान लेना बंद करे वरना परिणाम ठीक नहीं होंगे। कर्मयोगी किसान भीषण शीत लहर में खुले आसमां के नीचे बीच सड़क पर बैठा है और भाजपा के नेता मुद्दे से भटकाने के लिए उपवास करने का ड्रामा कर रहे हैं।
बलराज कुंडू ने कहा कि यह क्रांति आज उस मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां से वापसी का सिर्फ एक ही रास्ता है और वह रास्ता है केंद्र सरकार तुरंत किसानों से माफी मांगते हुए सभी मांगें स्वीकार कर तीनों काले कानूनों को रद्द कर एमएसपी की गारंटी का नया कानून बनाए।
बलराज कुंडू ने कहा कि किसानों के हक नहीं मिलने तक हम ऐसे ही मजबूत होकर डटे रहेंगे। संत बाबा राम सिंह सिंघडा वाला की शहीदी समेत जितनी भी शहादत हुई हैं वे कभी व्यर्थ नहीं जाएंगी। उन्होंने सभी किसान नेताओं से भेंट कर विस्तार से चर्चा की और कहा कि किसान आंदोलन आज महज एक आंदोलन ना होकर क्रांति का रूप ले चुका है।
महम विधायक बलराज कुंडू शनिवार को कुंडली बॉर्डर स्थित किसानों के धरने में पहुंचे और किसान भाइयों की हौंसला अफजाई की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मजबूती के साथ इस मोर्चे पर डटे रहना है, मैं और मेरे तमाम साथी टिकरी बॉर्डर पर किसानों के साथ पूरी मजबूती के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं।
हरियाणा के सीएम एमएल खट्टर ने कहा कि मैं पंजाब के किसानों से अपील करता हूं कि वे सतलुज यमुना लिंक नहर मामले पर गंभीरता से विचार करें। हरियाणा के किसान सिंचाई की कमी से जूझ रहे हैं। मैंने इस मुद्दे को उठाया है। हम मांग करते हैं कि एसवाईएल नहर का निर्माण पूरा होना चाहिए।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिलने के बाद हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अगले 2-3 दिनों में बात हो सकती है। इस मुद्दे (किसानों के विरोध) का हल चर्चा के माध्यम से निकलेगा। खट्टर ने कहा कि मैंने कृषि मंत्री से कहा है कि इस मुद्दे को जल्द हल किया जाना चाहिए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से उनके आवास पर मुलाकात की।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कहा कि निश्चित रूप से तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जी से हमने अपील भी की है। NDA गठबंधन में होने के नाते मैंने पत्र भी लिखा कि अगर आप इन्हें वापस नहीं लेंगे तो हम NDA के समर्थन पर पुनर्विचार करेंगे।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने किसान आंदोलन के समर्थन में तीन संसदीय समितियों से इस्तीफा दे दिया है।
राज्य सरकार को दखल नहीं देना चाहिए, जब राज्य सरकार से हमारी लड़ाई हो तब वह अपना काम करे, गिरफ्तार करे या कुछ भी करे लेकिन फिलहाल हम राज्य सरकार को आगाह करते हैं कि इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप ना करे, हमारे किसानों को दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर आने से ना रोके यदि इसी प्रकार हमारे किसानों को रोका गया तो हम दिल्ली को बंद कर देंगे। सभी संगठनों के अध्यक्षों ने यह चेतावनी दी है।
किसान नेताओं ने कहा कि हमारे कुछ साथी किसान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड से गाजीपुर बॉर्डर पहुंचना चाह रहे हैं, उनको पुलिस प्रशासन रास्ते में गिरफ्तार कर रहा है उन्हें रोका जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी, राष्ट्रीय अध्यक्ष वी एम सिंह, भाकियू राकेश टिकैत ने कहा कि हमारी फिलहाल लड़ाई केंद्र सरकार से है राज्य सरकार से नहीं।
किसानों का गाजीपुर बॉर्डर पर 23वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। कई संगठन एक ही मंच पर किसानों की लड़ाई लड़ रहे हैं। सभी संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्षों की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। जिसमें सभी संगठनों ने एक सुर में कहा कि यदि राज्य सरकार अपनी हरकतों से बाज नहीं आई तो दिल्ली में किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री नहीं जाने दी जाएगी और गाजीपुर बॉर्डर को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
दिल्ली के बॉर्डर पर कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन जारी है। नोएडा में किसानों ने सरकार की चिट्ठी जलाकर विरोध जताया।
गाजीपुर बॉर्डर पर मंच से लगातार किसान नेताओं का भाषण चल रहा है। सभी ने एक स्वर में कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की बात कही है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार अलग-अलग किसान संगठनों में फूट डालकर आंदोलन को कमजोर बनाना चाहती है।
राकेश टिकैत और वीएम सिंह ने किसानों के उत्पीड़न बंद करने के लिए कल 11 बजे मेरठ कमिश्नर और प्रशासनिक अधिकारियों को वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने इस वार्ता के विफल होने पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को बंद करने की चेतावनी दी है।
यूपी गेट पर किसान संगठन ने प्रेस वार्ता कर 20 दिसंबर को किसान शहीद दिवस देशभर में मनाने का एलान किया है। सरदार वीएम सिंह ने कहा कि मांगें न मानने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को अलग-अलग जगह पर रोककर उनके ट्रैक्टर ट्रॉली जप्त की जा रही है। सिर्फ इतना ही नहीं गाजीपुर आने वाले किसानों की गाड़ियों के नंबर नोट कर पुलिस घरों पर जाकर उनके परिवार पर वापस लौटने का दबाव बना रही है।
गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन पर बैठे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं, किसानों की घर वापसी भी नहीं होगी। किसान नेता ने कहा, सरकार कृषि बिल में संशोधन चाहती है, लेकिन किसानों की मांग बिल वापसी की है। मांगें पूरी नहीं हुई तो 26 जनवरी को राजपथ का नाम बदलकर कृषि पथ कर देंगे।
देश खाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि खाप के थांबेदारों के सुझाव पर आज से हाईवे जाम और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है। जिले की दूसरी खाप पंचायतों का समर्थन भी मिला है।
गौतमबुद्ध नगर जिले में डीएनडी फ्लाईवे के नजदीक दलित प्रेरणा स्थल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के पदाधिकारियों ने शनिवार को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष केंद्र सरकार को सद्बुद्धि दिए जाने की प्रार्थना की। धरना स्थल पर किन्नर समाज के लोगों ने पहुंचकर किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया तथा वहां पर कृषि कानूनों के खिलाफ गाना गाकर नृत्य भी किया। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने कहा कि आज सभी पदाधिकारियों एवं किसानों ने दलित प्रेरणा स्थल पर लगी डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति के समक्ष सरकार को सद्बुद्धि दिए जाने की प्रार्थना की।
चिल्ला बॉर्डर पर किसानों के समर्थन में पहुंचीं तेलंगाना की अभिनेत्री के लक्ष्मी पार्वती। वह यहां कुछ देर रहीं और किसानोंं का समर्थन किया, उनके बीच बैठीं और फिर निकल गईं।
नए कृषि कानून के विरोध में आज बड़ौत में खाप चौधरियों द्वारा तीसरा मोर्चा खोला है। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह के बड़ौत स्थित आवास पर किसानों के पहुंचने का सिलसिला सुबह से ही जारी रहा। इसके बाद किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियाें में सवार होकर दिल्ली सहारनपुर हाईवे जाम करने के लिए निकल गए। शामली की गठवाला खाप के अलावा असारा कि मुस्लिम खाप पंचायत ने भी दिया समर्थन।
किसानों को मिला किन्नर समाज का समर्थन। आज किन्नर समाज का एक दल दलित प्रेरणास्थल पहुंचा और किसानों की मांग को जायज बताते हुए उनका समर्थन किया।
फतेहाबाद में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उपवास रखा। इस दौरान हरियाणा के फतेहाबाद में किसानों ने पुलिस बैरिकेड्स उखाड़ दिए और नारेबाजी करते हुए बीजेपी के उपवास स्थल पर पहुंच गए। किसानों ने भाजपा के उपवास टेंट में घुसकर भाजपा के पोस्टर फाड़ दिए। पुलिस भी किसानों को रोकने में नाकाम रही। उपवास कार्यक्रम में घुसकर किसानों ने नारेबाजी की।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शनिवार को कहा कि, 'सरकार को बात करनी चाहिए, हम सरकार से बात करने के लिए कहां मना कर रहे हैं। फूड सप्लाई चेन को किसानों ने बंद नहीं किया है और न हमारी बंद करने की योजना है।
किसान आंदोलन के चलते आज भी सिंघु, औचंदी, पियाऊ मनियारी और मंगेश बॉर्डर पूरी तरह से बंद रहेंगे। लामपुर, साफियाबाद सबोली और सिंघु स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर के वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। मुकरबा और जीटी करनाल रोड से ट्रैफिक डायवर्ट है तो रिंग रोड, जीटी करनाल रोड और एनएच 44 की तरफ न जाने की सलाह दी गई है।
हरियाणा के झरोडा, दौराला, कापसहेड़ा, बडूसराय, रजोकरी एनएच8, बिजवासन/बजघेड़ा, पालम विहार और डुंडहेड़ा बॉर्डर खुले रहेंगे।
टिकरी और धांसा बॉर्डर पूरी तरह से बंद हैं। झटीकरा बॉर्डर सिर्फ दो पहिया वाहनों और पैदल वाहनों के लिए खुला है।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की है। मायावती ने ट्वीट कर कहा है कि केंद्र सरकार को तीन नए कृषि कानूनों को लेकर आंदोलित किसानों के साथ हठधर्मी वाला नहीं बल्कि सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को स्वीकार कर तीनों कानूनों को तत्काल वापस ले लेना चाहिए।
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी बाॅर्डर पर डटे प्रदर्शनकारी सोलर पैनल से फोन और ट्रैक्टर की बैटरी चार्ज करते देखे गए हैं। एक किसान अमृत सिंह ने बताया, 'सोलर प्लेट लेकर आए हैं कि अगर फोन की बैटरी डाउन हो जाएगी तो घर पर बात नहीं हो पाएगी, सरकार क्या सुविधा देगी वो हमारी मांग तो मान नहीं रही।'
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शनकारी आज 24वें दिन भी सिंघु बाॅर्डर पर डटे हुए हैं। एक 80 वर्षीय प्रदर्शनकारी रूमी राम ने बताया, 'बहुत मुश्किल हो रही है लेकिन सरकार किसानों के बारे में नहीं सोच रही है।'