पंजाबी गायक जैजी बी ने आज देर शाम सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मैं रोज प्रदर्शन के वीडियो देखता था। किसान जो सभी का पेट भरते हैं, उनके लिए हम यहां आए हैं। मेरी सरकार से विनती है कि तीनों कृषि कानून वापिस लिए जाएं।
क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि तीनों कानूनों के वापस लिए जाने को लेकर अब भी संदेहास्पद स्थिति है। इसके साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर सरकार के साथ आम सहमति नहीं बना सके। पराली जलाने के मुद्दे पर सरकार किसानों को जुर्माने से बाहर करने पर सहमत हो गई।
दिल्ली यूपी को जोड़ने वाले गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे एक किसान की बेटी ने प्रदर्शन स्थल पर ही अपना जन्मदिन मनाया।
बैठक के बाद कृषि मंत्री ने बताया कि हमने यूनियन के नेताओं से आग्रह किया है कि बढ़ती ठंड को देखते हुए वे प्रदर्शन में बैठे बुजुर्ग किसानों से घर लौटने की अपील करें। महिलाओं और बच्चों को भी इस मौसम में परेशानी हो रही है। ऐसे में उनका भी घर लौट जाना सही होगा।
इस बार सरकार ने यह साफ कर दिया है कि पराली के कानून से किसानों को अलग रखा जाएगा। इसके साथ ही आने वाले बिजली बिल के कानून को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट किया कि उसमें किसानों की मांगों को ध्यान में रखा जाएगा।
किसान आंदोलन के मुख्यत: चार मुद्दे हैं, जिनमें से दो पर आज की बैठक में सरकार और किसानों की सहमती बन गई है। सरकार ने किसानों के दो मुद्दों को मान लिया है। इनमें से एक पराली और दूसरी बिजली बिल का मुद्दा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि किसान यूनियन के नेताओं ने आंदोलन में पर्याप्त अनुशासन बनाए रखने का प्रयत्न किया है। मुझे विश्वास है कि वे आगे भी ऐसा करेंगे।
तोमर ने कहा कि हम चार जनवरी को दोपहर दो बजे एक बार फिर इकट्ठा होंगे और एमएसपी पर चर्चा को आगे बढ़ाएंगे।
इस बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हम पहले भी कहते रहे हैं कि एमएसपी जारी है, जारी रहेगी। सर यह लिखित में भी देने को तैयार है। लेकिन किसानों को लगता है कि एमएसपी को कानूनी दर्जा मिलना चाहिए। इसपर अभी पूरी चर्चा बाकी है।
किसानों और सरकार के बीच सातवें दौर की बातचीत खत्म हो गई है। अगली बैठक चार जनवरी को निर्धारित की गई है।
बातचीत के दौरान सरकार ने किसान नेताओं से कहा है कि किसानों द्वारा कृषि कानून को लेकर उठाई जा रही मांगों पर विचार के लिए एक कमेटी बनाई जा सकती है।
यूपी गेट पर किसानों की तीसरी महापंचायत हो रही है। एक ओर जहां विज्ञान भवन में किसान सरकार से बात कर रहे हैं वहीं महापंचायत में भी किसान उन्हीं मांगो को लेकर पंचायत कर रहे हैं। इसमें भाकियू नेता नरेश टिकैत भी किसानों को संबोधित करेंगे।
किसान नेताओं के लिए बैठक के दौरान आज भी कार सेवा टेंपो खाना लेकर आई। पिछली बैठकों की तरह किसानों ने आज भी अपना ही खाना खाया।
आज की वार्ता के बीच जब भोजनावकाश हुआ तो केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल ने किसानों के साथ खाना खाया।
किसान नेताओं ने आज वार्ता में आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसान और उसके परिवार के लिए न्याय और मुआवजे की भी मांग की है।
किसान नेताओं और सरकार के बीच बैठक जारी है। खबर है कि किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं कि सरकार तीनों कृषि कानून को रद्द करने की प्रक्रिया के बारे में बताए।
किसान नेेताओं और सरकार के बीच सातवें दौर की बैठक शुरू हो गई है। जिसमें एक-एक कर किसान अपनी मांग दोबारा रख रहे हैं।
सातवें दौर की बैठक के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, कृषि सचिव, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल आदि पहुंच चुके हैं।
किसानों के साथ बातचीत करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर अपने आवास से विज्ञान भवन के लिए रवाना हुए।
नोएडा सेक्टर-16 में किसानों द्वारा बिजली घर को ताला लगाने की चेतावनी की सूचना मिलते ही मौके पर सेक्टर-20 थाना के एसएचओ पहुंचे हैं।
सिंघु बॉर्डर से सातवें दौर की वार्ता के लिए किसान नेताओं की बस दिल्ली के विज्ञान भवन पहुंच चुकी है। वार्ता दोपहर दो बजे से है लेकिन वो उससे पहले ही वहां पहुंच गए हैं। इस बीच किसानों का कहना है कि वो कानून वापिस लेने पर ही अडिग रहेंगे। हालांकि इस बीच कुछ लोगों को समाधान निकलने की उम्मीद भी है।
आज चिल्ला बॉर्डर पर 30 दिसंबर 2020 को भारतीय किसान यूनियन (भानु )के यह 11 लोग भूख हड़ताल पर है-
1- योगेश सिंह सिसोदिया
2-अरूण शर्मा
3- अशोक चौहान
4 - साकिर पठान
5- चौधरी धर्मवीर सिंह
6- देवेंद्र पहलवान
7-रामेश्वर चौधरी
8- राजकुमार
9- किसन नम्बर दार
10- मास्टर महकार
11- कुन्त भेज
बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन कर रहे फरीदकोट (पंजाब) के जिला प्रधान बिंदर सिंह गोले वाला ने कहा कि आज दो बजे बैठक होंगी। इस बैठक से हमें तो ज्यादा उम्मीद नहीं है लेकिन इस साल इस कानून पर फैसला हो जाए तो ये हमारे और सरकार के लिए अच्छा होगा। जब कानून रद्द होगा हम तभी यहां से जाएंगे वरना नए साल पर भी यही रहेंगे।
रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने पंजाब के सीएम और पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखकर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पंजाब में जियो नेटवर्क साइटों पर तोड़फोड़ और बर्बरता की घटनाओं में उनके हस्तक्षेप की मांग की है।
किसानों के साथ विज्ञान भवन में होने वाली वार्ता से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पियुष गोयल ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
सिंघु बॉर्डर से सातवें दौर की वार्ता के लिए किसान नेता दिल्ली के विज्ञान भवन के लिए बस में बैठकर रवाना हो गए हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री वाणिज्य एवं उद्योग सोम प्रकाश ने उम्मीद जताई है कि आज की वार्ता निर्णायक होगी। एमएसपी समेत सभी मुद्दों पर खुले दिल से बात होगी। मुझे उम्मीद है कि किसानों का आंदोलन आज खत्म हो जाएगा।
राकेश टिकैत ने आज ये भी कहा कि देश में मजबूत विपक्ष का होना बहुत जरूरी है जिससे सरकार डरे लेकिन यहां पर ऐसा नहीं है। यही कारण है कि किसानों को सड़क पर उतरना पड़ा है। विपक्ष को टेंटों में बैठकर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहिए।
किसान मजदूर संघर्ष समिति के संयुक्त सचिव सुखविंदर सिंह सबरा ने कहा कि सरकार और किसानों के बीच पांच दौर की वार्ता विफल हो चुकी है। मुझे नहीं लगता कि हमारी आज की बैठक में भी कोई हल निकलेगा। तीनों कृषि कानूनों को खत्म किया जाना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू में कृषि कानूनों को लेकर कहा कि, कृषि संबंधी ये जो तीन कानून बने हैं ये किसानों के हितों को ध्यान में रखकर ही बनाए गए हैं। पिछले सरकारों की तुलना में हमने न्यूनतम समर्थन मूल्य काफी बढ़ाई हैं। इस तीनों कानूनों के माध्यम से हमने पूरी कोशिश की है कि किसानों की आमदनी दो-तीन गुना बढ़े।
शीतलहर और गिरता पारा नहीं तोड़ पा रहा किसानों का हौसला
दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन आज 35वें दिन में प्रवेश कर चुका है। शीतलहर और घटता तापमान भी उनका हौसला नहीं तोड़ सका है। सिंघु, टिकरी, गाजीपुर, चिल्ला बॉर्डर और बुराड़ी निरंकारी ग्राउंड समेत जहां भी किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, वहां उनके समर्थकों व अन्य किसानों की तादाद दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।