रोटियां बनाते हुए सेवादार
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केवल एक लंगर में बन रही पांच हजार से ज्यादा रोटियां
किसानों के लिए लंगर में रोटी बना रहे सेवादार सुखप्रीत सिंह ने अमर उजाला को बताया कि अकेले उनके लंगर में रोजाना पांच हजार के आसपास रोटियां बन रही हैं। रोटी मशीनों से बनाई जाती हैं। इसके लिए बारी-बारी से सेवादारों की ड्यूटी लगाई जा रही है। स्वेच्छा से सेवा करने वाले सेवादार भी आकर रोटी बनाने में मदद कर रहे हैं।
गाजियाबाद-दिल्ली के यूपी बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान दिन-रात डटे हुए हैं। इनकी भूख मिटाने के लिए यहां दर्जनों लंगर दिन-रात लोगों की सेवा कर रहे हैं। कई बार पड़ोसी गांवों से किसान तैयार भोजन लेकर भी यहां आ जाते हैं और लोगों को खिलाते हैं। इसमें सबसे ज्यादा बिरयानी, चावल-कढ़ी, चावल-राजमा, मीठा चावल या नाश्ते की चीजें शामिल होती हैं।
10 सफाई कर्मचारी भी ड्यूटी पर
गाजियाबाद नगर निगम की तरफ से यूपी बॉर्डर पर गंदगी को उठाने के लिए 10 सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। रात के समय भी यहां तीन सफाई कर्मी तैनात रहते हैं। नगर निगम की गा़ड़ी दिन में न्यूनतम दो बार और आवश्यकता पड़ने पर बुलाने पर आ जाती है और प्रतिदिन यहां का कूड़ा हटा दिया जाता है।