हरियाणा के गांव बोहर, रोहतक में नांदल खाप द्वारा प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में मार्च निकाला गया। नांदल खाप के सचिव ने कहा कि हम इस किसान आंदोलन का समर्थन करते हैं। सभी खाप किसानों के साथ हैं। किसान प्रदर्शन पर बैठे हैं, हम उनके साथ ही बैठे हैं।
बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता दर्शन पाल ने आरोप लगाया कि केंद्र किसान संगठनों में फूट डालने का काम कर रहा है, लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे। कहा कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए केंद्र को संसद का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए।
प्रदर्शनकारी किसानों ने बुधवार को कहा कि नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए केंद्र सरकार को संसद का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए और अगर मांगें नहीं मानी गईं तो राष्ट्रीय राजधानी की और सड़कों को अवरुद्ध किया जाएगा।
किसानों के आंदोलन के बीच करीब दो घंटे तक बंद रहने के बाद कालिंदी कुंज बॉर्डर को यातायात के लिए खोल दिया गया है। अब यहां पहले की तरह ही वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।
लोक संघर्ष मोर्चा की नेता प्रतिभा शिंदे ने कहा कि हम कल महाराष्ट्र के हर जिले में और गुजरात में पांच दिसंबर को केंद्र के विरोध में पुतले दहन करेंगे। कल सरकार के लिए अंतिम मौका है कि वह कानूनों को निरस्त करने का निर्णय ले अन्यथा यह आंदोलन बहुत बड़ा हो जाएगा और सरकार गिर जाएगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मैं किसानों से अपील करता हूं कि कानून उनके हित में है और उसमें यह संशोधन लंबे इंतजार के बाद किए गए हैं, लेकिन अगर उन्हें इस पर कोई आपत्ति है तो हम उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार हैं।
Noida: Administration shifts protesting farmers to Dr Ambedkar Memorial Park from Mahamaya flyover road, where they had gathered from different areas of UP.
"Since protesters were sitting on road causing traffic jam, we've to shift them here," says Noida DCP Rajesh Kumar Singh. pic.twitter.com/u05h0LQLp3
दिल्ली-नोएडा का कालिंदी कुंज बॉर्डर दोनों तरफ से बंद कर दिया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी है कि इन रास्तों से आने-जाने वाले लोग इन मार्गों पर आने से बचें और वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करें।
भैंसा बुग्गी पर सवार होकर मोदीनगर के किसान बुधवार शाम यूपी गेट पहुंच गए हैं। यह सभी यूपी गेट पर होने वाली महापंचायत के लिए जुट रहे हैं। कल की महापंचायत को लेकर यूपी गेट पर बाहर से लगातार किसान आ रहे हैं। कल 12:00 बजे सरकार किसान नेताओं से वार्ता करेगी। वार्ता के बेनतीजा होने पर महापंचायत में आर पार की लड़ाई का एलान किया जाएगा। किसान यूपी बॉर्डर को पूरी तरह जामकर लोगों को दिल्ली नहीं जाने देंगे। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत कल हजारों किसानों के साथ महापंचायत में भाग लेंगे। महापंचायत में सेलिब्रिटीज के भी आने की चर्चा है। दोपहर बाद राकेश टिकैत सिंघु बॉर्डर पर आयोजित पंचायत में भाग लेने के लिए निकले हैं।
किसान आंदोलन के समर्थन में हरियाणा के एक स्वतंत्र विधायक ने हरियाणा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। इस पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि उन्हें खुशी है कि विधायक ने अपने अंतरआत्मा की बात सुनी। यह उनका साहसिक कदम है।
बुधवार शाम 3:30 बजे उत्तराखंड किसान मोर्चा का जत्था यूपी गेट पहुंच गया है।
दिल्ली के व्यापारियों का कहना है कि किसान आंदोलन की वजह से फल-सब्जी की कीमतों में उछाल आया है। ओखला और गाजीपुर मंडी के आढ़तियों ने बताया कि सब्जी ले जाने वाले ट्रक सीमाओं पर फंसे हुए हैं जिसकी वजह से आपूर्ति और कीमत प्रभावित हो रहे हैं। यह तब तक रहेगा जब तक आंदोलन चलेगा।
यूपी गेट पर कृषि कानून को वापस लेने और अन्य मांगों के विरोध में शाहजहांपुर से भाकियू के जिलाध्यक्ष मनजीत सिंह धालीवाल ने खुद को बेड़ियों में बांधकर सरकार के खिलाफ जाहिर किया गुस्सा। मनजीत सिंह के साथ शाहजहांपुर से करीब 20 से 25 लोग भी यूपी गेट पर पहुंचे हैं।
जमीअत उलमा ए हिंद के प्रमुख मदनी ने किसान आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए गाजियाबाद में धरनास्थल पर पोस्टर लगवाए हैं।
आज शाम 4.00 बजे सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी आगे की रणनीति के बारे में जानकारी देंगे।
Farmers' protest against Central Government's Farm laws continues at Singhu border (Delhi-Haryana border) pic.twitter.com/NhB3J8GvuY
जानकारी के अनुसार महामाया फ्लाईओवर से होते हुए किसान सेक्टर-14 चिल्ला जाना चाह रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोका। जब किसान नहीं माने तो पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया।
दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे पर महामाया फ्लाईओवर के नीचे पहुंचे किसानों को पुलिस ने हाइवे पर रोका
किसानों के आंदोलन को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है। ऐसे ही आज तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय ने कहा कि आंदोलनरत किसान कृषि कानून वापस लेने पर अड़े हुए हैं। मुझे लगता है कि सरकार को इसे वापस लेना पड़ेगा। इन कानूनों का अंतरराष्ट्रीय असर भी होगा। मैंने कल समाचार में देखा था कि कनाडा के पीएम ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है।
दिल्ली से नोएडा जाने वाले चिल्ला बॉर्डर के सील होने के कारण ट्रैफिक जाम न लगे इसके लिए ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं।
केंद्र सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए यूपी गेट पर प्रदर्शनरत किसानों ने बुधवार सुबह हवन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि उनकी मंशा है कि इस हवन से सरकार होश में आए और उनकी मांगें मानते हुए कृषि कानूनों को वापस ले ले।
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने जब कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मनोज चौधरी के नाम की घोषणा सुनी तो वह भड़क उठे और उनका विरोध करने लगे। किसानों का कहना है कि, हमें किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं चाहिए।
राष्ट्रीय लोक दल(आरएलडी) के नेता जयंत चौधरी आज सुबह सिंघु बॉर्डर पहुंचे हैं। उन्होंने यहां पहुंचकर कहा- आंदोलन में बतौर राजनीतिज्ञ शामिल नहीं हो रहा हूं।
दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर वार्ता के लिए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पियूष गोयल अमित शाह के निवास पर पहुंचे हैं।
नोएडा दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे कुछ किसान वॉकी टॉकी के साथ देखे जा सकते हैं। दरअसल किसान यूनियन ने कुछ नौजवान किसानों को आसपास की व्यवस्था संभालने के लिए वॉकी-टॉकी दिए हुए हैं ताकि आंदोलन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
कांग्रेस पार्टी और उसके नेता लगातार किसान आंदोलन पर केंद्र सरकार को ट्विटर के माध्यम से घेरे हुए हैं। बुधवार को एक बार फिर राहुल गांधी ने किसानों के आंदोलन के समर्थन में ट्वीट किया,
'कहा- किसान की आय दुगनी होगी।
किया- ‘मित्रों’ की आय हुई चौगुनी और किसान की होगी आधी।
झूठ की, लूट की, सूट-बूट की सरकार।'
सिंघु बॉर्डर पर किसानों की बैठक शुरू हो चुकी है। इस बैठक में मुख्य 32 संगठन मौजूद हैं, ये लोग आगे आंदोलन की आगे की रणनीति बना रहे हैं।
बुधवार सुबह गाजियाबाद के यूपी गेट पर एक बार फिर किसानों ने दिल्ली पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। किसानों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की।
नोएडा लिंक रोड के पास चिल्ला बॉर्डर आज बंद रहेगा क्योंकि किसान गौतमबुद्ध द्वार तक पहुंच गए हैं। लोगों को यह सलाह दी गई है कि नोएड लिंक रोड की ओर से नोएडा न जाएं, इसकी जगह एनएच 24 और डीएनडी होकर नोएडा जाएं।
सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध जारी है। आपको बता दें कि किसान संगठनों की सरकार से बातचीत के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला तो बुराड़ी में जाकर धरने पर बैठे किसान भी सिंघु बॉर्डर पर पहुंच गए हैं। वह भी सिंघु बॉर्डर पर धरना देकर बैठ गए, जिसके बाद दिल्ली पुलिस कुछ पीछे हट गई। जिससे अब सिंघु बॉर्डर से हरियाणा व दिल्ली दोनों तरफ किसानों का धरना शुरू हो गया है और उनके बीच से पुलिस निकल गई है।
इसके बाद सरकार ने किसान संगठनों से कहा कि वे बुधवार तक इन कानूनों के उन प्रावधानों को बिंदुवार बताएं जिन पर उन्हें आपत्ति है। सरकार इस पर गुरुवार को होने वाली बैठक में चर्चा करेगी और उनकी चिंताओं को दूर करेगी। केंद्रीय कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, सरकार किसानों के हितों सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। जबकि किसानों ने कहा कि उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
आपको बता दें कि तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन के छठे दिन केंद्र सरकार और किसान संगठनों की उच्च स्तरीय बातचीत बेनतीजा रही थी। सरकार ने किसानों की आपत्तियों पर विचार के लिए समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया था। जिसे किसानों ने ठुकराते हुए पहले तीनों कानून वापस लेने की शर्त रखी।
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बैरिकेड्स गिराए।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन लगातार सातवें दिन भी जारी है। मंगलवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान संगठन के नेताओं और केंद्र सरकार के बीच बातचीत हुई, लेकिन इसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब तीन दिसंबर को एक बार फिर वार्ता होगी। वहीं, किसान आंदोलन के चलते मंगलवार को सिंधु और टिकरी बॉर्डर के साथ-साथ नोएडा चिल्ला बॉर्डर को भी सील कर दिया गया। मंगलवार शाम को चिल्ला बॉर्डर की ओर से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। आनन-फानन में पुलिस ने बॉर्डर सील कर दिया। जिसके कारण दिल्ली की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ती नजर आई। शाम को कार्यालय से वापस लौटने वाले लोगों को दिल्ली से नोएडा जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जो लोग बिना जानकारी के नोएडा बॉर्डर पहुंचे उन्हें यहां से यू टर्न लेकर फिर से दिल्ली की ओर वापस आना पड़ा। जिसके कारण अक्षरधाम से लेकर चिल्ला बॉर्डर तक भारी जाम लगा रहा।