पंजाब के किसानों के बाद अब केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल कृषि भवन में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसान नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं।
विज्ञान भवन में किसान नेताओं और सरकार के बीच बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक फैसला हुआ है कि 3 दिसंबर को एक बार और वार्ता होगी।
किसान को परेशानी नहीं हो रही, बाकी लोगों को हो रही है। विपक्ष के साथ उन लोगों का हाथ है जो कमीशन खाते हैं : केंद्रीय मंत्री जनरल वी.के. सिंह
बैठक में एक किसान संगठन के प्रतिनिधि ने कहा कि किसान कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर हैं और उन्होंने मांग किया कि सरकार को इसे वापस लेने पर विचार करना चाहिए। कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने किसानों से बैठक में कहा कि 4 से 5 नाम अपने संगठन से दीजिए, एक समिति बना देते हैं जिसमे सरकार के लोग भी होंगे, कृषि एक्सपर्ट भी होंगे, नए कृषि कानून पर चर्चा करेंगे।
सरकार किसानों के सामने प्रेजेंटेशन दे रही है और उन्हें नए कानून के बारे में बता रही है।
विज्ञान भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ किसान नेताओं की बैठक चल रही है। बैठक में 35 किसान नेता शामिल हैं। वहीं सरकार को किसानों से सकारात्मक बातचीत की उम्मीद है।
शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आईं बिलकिस दादी ने कहा है कि हम किसानों की बेटियां हैं। आज हम किसानों के प्रदर्शन स्थल पर जाकर उनका समर्थन करेंगे। हम अपनी आवाज उठाएंगे। सरकार को हमारी बात सुननी पड़ेगी।
लंबी प्रतीक्षा के बाद किसानों और सरकार के बीच बातचीत शुरू हो गई है। दिल्ली के विज्ञान भवन में यह बैठक हो रही है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी बैठक में मौजूद हैं।
किसानों के प्रदर्शन के बीच पहुंचे चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि हम लोग किसानों के समर्थन के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि मैं जितनी बार भी दिल्ली में उतरा हूं, उतनी बार सरकार को चने चबवाए हैं।
टिकरी बॉर्डर पर दोनों तरफ स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है। एक तरफ दिल्ली पुलिस के जवान तो दूसरी तरफ किसान डटे हुए हैं। वहां कोई खास गतिविधि नहीं देखी जा रही है।
किसानों के प्रदर्शन के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण बनता जा रहा है। गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के पास भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर पहुंचे हैं। वो किसानों को खाने के लिए केले बांट रहे हैं। उनके पहुंचते ही गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या भी बढ़ गई है।
आज शाम तीन बजे दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत होगी। इसके लिए सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनरत किसान संगठनों के नेता रवाना हो चुके हैं। एक बस में सवार होकर तमाम संगठनों के किसान नेता बातचीत के लिए निकले हैं।
कांग्रेस ने किसान संगठनों के साथ केंद्र की सरकार की प्रस्तावित बातचीत से पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वह आज ही कृषि से संबंधित तीनों ‘काले कानूनों’ को निलंबित करने और प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज मामले वापस लेने की घोषणा करें। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि सरकार को सभी किसान संगठनों के साथ मन खोलकर बातचीत करनी चाहिए और बिना किसी दिखावे और पूर्वाग्रह के मामले का समाधान निकालना चाहिए।
किसानों से बातचीत करने से पहले घंटों माथापच्ची करने के बाद अब गृहमंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जेपी नड्डा के घर से रवाना हो चुके हैं।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर में चल रही बैठक समाप्त हो चुकी है। अब राजनाथ सिंह की अगुवाई में सरकार किसानों से बातचीत करेगी।
सिंघु बॉर्डर पर चल रही किसानों की बैठक खत्म हो चुकी है। लंबी बातचीत के बाद किसानों ने यह तय किया है कि पंजाब के 32 संगठन और संयुक्त मोर्चा के तीन संगठन केंद्र सरकार से बातचीत में शामिल होंगे।
किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने हरियाणा से जुड़े सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर ना सिर्फ सुरक्षा कड़ी की है बल्कि यातायात भी बंद कर दिया है जिस कारण से राष्ट्रीय राजधानी में यातायात कछुए की गति से चल रहा है और सड़कों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी लाइनें दिख रही हैं।
केंद्र के साथ बातचीत से पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि बातचीत के बाद जो भी फैसला निकलकर आएगा वो सभी किसानों को मंजूर होगा।
केंद्र सरकार और किसानों की बातचीत से पहले भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर में बैठक हो रही है। इसमें कई मंत्री मौजूद हैं और तमाम बिंदुओं पर चर्चा हो रही है।
दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर भी किसानों का प्रदर्शन जारी है। सीमा पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा दी है, जिसे हटाने के लिए किसान ट्रैक्टर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
दिल्ली ऑटोरिक्शा यूनियन और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के महामंत्री राजेंद्र सोनी ने कहा कि सभी देशवासियों की तरह हम भी आंदोलनरत किसानों के साथ हैं, लेकिन मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि दिल्ली के ऑटोरिक्शा और टैक्सी हड़ताल पर नहीं जाएंगे। हमारे पास पहले ही बीते चार महीनों से काम नहीं है। अभी हम हड़ताल करने की स्थिति में नहीं हैं।
बीते पांच दिनों से चल रहे किसानों के आंदोलन के कारण मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। उन्हें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के राइजिंग कार्यक्रम में जाना था।
किसान संगठनों से आज दोपहर तीन बजे केंद्र सरकार बात करेगी। सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अगुवाई करेंगे। इस दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत अन्य कुछ मंत्री भी उनके साथ रह सकते हैं। इनके अलावा कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी कानून पर विस्तार से बात करने के लिए मौजूद रहेंगे।
दिल्ली पुलिस को बॉर्डर से ज्यादा नई दिल्ली जिले की सुरक्षा की चिंता है। बॉर्डरो से किसानों को प्रवेश करने की अनुमति मिल रही है लेकिन नई दिल्ली इलाके में जाने की इजाजत नहीं है। जिले में धारा 144 को कड़ाई से लागू कर दिया गया है।
सिंघु बॉर्डर पर आज फिर किसानों की बैठक शुरू हो गई है। फिलहाल सभी किसान संगठन आपस में बैठक कर रहे हैं। इसमें वे सरकार के बातचीत के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं।
किसानों के प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि अन्नदाता सड़कों-मैदानों में धरना दे रहे हैं और ‘झूठ’ टीवी पर भाषण! किसान की मेहनत का हम सब पर कर्ज है। ये कर्ज उन्हें न्याय और हक देकर ही उतरेगा, न कि उन्हें दुत्कार कर, लाठियां मारकर और आंसू गैस चलाकर। जागिए, अहंकार की कुर्सी से उतरकर सोचिए और किसान का अधिकार दीजिए।
पंजाब किसान संघर्ष कमेटी के संयुक्त सचिव सुखविंदर एस सभरन ने कहा कि देश में किसान संगठनों की संख्या 500 से भी अधिक है, लेकिन सरकार ने बातचीत के लिए केवल 32 संगठनों को न्योता दिया है। अन्य संगठनों को सरकार ने नहीं बुलाया। जबतक सभी संगठनों को न्योता नहीं दिया जाता, तबतक हम बातचीत के लिए नहीं जाएंगे।
ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी है कि टिकरी बॉर्डर आज भी बंद है। बाडुसराय और झटीकारा बॉर्डर केवल दोपहिया वाहनों के लिए खुले हैं। दिल्ली से हरियाणा जाने के लिए झरोडा, धांसा, दौराला, कापाशेरा, राजोकरी एनएच 8, बिजवासन/बजघेरा, पालम विहार और दुंडाहेरा के रास्ते का प्रयोग किया जा सकता है।
सिंघु बॉर्डर दोनों ओर से बंद
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार सुबह जानकारी दी है कि सिंघु बॉर्डर दोनों ओर से बंद है। ट्रैफिक को मुकरबा चौक और जीटीके रोड से डायवर्ट। ट्रैफिक बहुत अधिक है। पुलिस ने सलाह दी है कि सिंघु बॉर्डर, एनएच 44, जीकेटी रोड और सिग्नेचर ब्रिज से रोहिणी जाने वाले आउटर रिंग रोड वाले रास्ते पर जाने से बचें।