भाजपा नेता गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कृषि कानूनों की रुपरेखा स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों के अनुसार है। भविष्य में किसान/व्यापार के मद्देनजर संशोधन करने की अगर जरूरत पड़े तो सरकार के दरवाजे खुले हैं। मुझे लगता है जो लोग आंदोलन कर रह हैं, उन्हें भी ये बात समझ आने लगी है, जल्द समाधान निकलेगा।
राष्ट्रीय लोक दल पार्टी के महानगर अध्यक्ष गाजियाबाद, रविंद्र चौहान ने कहा कि 14 दिसंबर को जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट परिसर में बुद्धि शुद्धि यज्ञ करने जा रही है। इस यज्ञ के दौरान किसान आहुति देंगे और ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार को सद्बुद्धि मिले। किसानों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन, जिसमें हजारों किसान अपनी खेती छोड़ कर दिल्ली की सड़कों पर बैठे हैं लेकिन सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही। राष्ट्रीय लोक दल पार्टी आलाकमान के निर्देश पर जिला मुख्यालय पर बुद्धि शुद्धि यज्ञ करेगी जिसके लिए संगठन के मुख्य पदाधिकारी जिलाधिकारी महोदय से मिलकर इस यज्ञ को करने की परमिशन लेंगे।
गाजीपुर बॉर्डर पर शुक्रवार की सर्द शाम में कपड़े उतार कर विरोध जताता बुजुर्ग किसान।
सिंघु बॉर्डर पर किसानों के धरनास्थल पर उत्तरी दिल्ली के एसडीएम ने कोविड की जांच के लिए मोबाइल वैन लगवाई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि हमारा लक्ष्य रोजाना 200 टेस्ट करने का है, हमने अब तक 23 लोगों की जांच की है, सभी निगेटिव पाए गए हैं।
आम आदमी पार्टी ने किसानों के समर्थन में 14 दिसंबर को पूरे पंजाब में जिला मुख्यालयों का घेराव करने का आह्वान किया है।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका डाली गई है। यूनियन ने तीनों कानून को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द करने की मांग की है।
गाजीपुर बॉर्डर के धरनास्थल पर ईएनटी स्पेशलिस्ट बीपी त्यागी ने लगाया निशुल्क जांच कैंप। यहां पर जिन किसानों को समस्या थी उनका इलाज किया गया।
सिंघु बॉर्डर के प्रदर्शनस्थल पर बैठे कई किसानों के बच्चे पुलिस में तो कई सीमा पर पहरा दे रहे हैं। किसान बोले, नोटबंदी से जीएसटी तक में मोदी सरकार को अभी तक कहीं से तगड़ा विरोध झेलने को नहीं मिला था। अब किसान पहली बार सरकार को टक्कर दे रहा है। हमें अपनी फिक्र नहीं है, कानून वापस होने पर ही लौटेंगे।
मेधा पाटकर के नेतृत्व में पलवल से आ रहे किसानों को देखते हुए दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर पर जबरदस्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल में कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज कृषि कानूनों की शव यात्रा निकाली। हालांकि उन्हें पुलिस ने धरनास्थल से बाहर नहीं निकलने दिया। तब किसानों ने दलित प्रेरणास्थल के अंदर की कृषि कानून का शव जलाया। इसके साथ ही किसानों ने कहा है कि कल 11 किसान कृषि कानून के विरोध में मुंडन कराएंगे।
यूपी गेट पर प्रदर्शन कर रहे किसानों पास्ता जैसा नाश्ता भी बांटा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों को किसी तरह से खाने-पीने की दिक्कत न हो इसका कई संगठन जिम्मा उठा रहे हैं।
यूपी गेट पर किसान आंदोलन के 16वें दिन हाईवे पर किसानों ने पैदल मार्च किया। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मोर्चा संभालते हुए किसानों को शांतिपूर्ण आंदोलन करने की सलाह दी।
सिंघु बॉर्डर पर किसान दोपहर दो बजे से बैठक करने वाले हैं। इस बैठक में किसान अपने आंदोलन को तेज करने के लिए आगे की रणनीति तैयार करेंगे। इसके साथ सरकार के सूत्रों से खबर आ रही है कि अब सरकार किसानों को कोई प्रस्ताव नहीं भेजेगी।
यूपी गेट पर 15 दिन से चल रहा किसान आंदोलन शुक्रवार को भी जारी है। किसान दिल्ली एक्सप्रेसवे के दिल्ली की ओर जाने वाली लेन पर बैठे हुए हैं। सुबह किसान इकट्ठा होकर बॉर्डर पर पहुंचे और जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं नोएडा से आए कुछ लोग यूपी गेट पर बांस की झोपड़ियां बना रहे हैं।
दिल्ली जाने से रोके जाने से नाराज किसानों ने गुरुवार दोपहर से जो धरना शुरू किया था वह पूरी रात जारी रहा। किसान रात में हाईवे पर ही सोए। शुक्रवार की सुबह धरना स्थल की सफाई की गई। किसान वहीं पर आग ताप रहे हैं और चाय पी रहे हैं। दोपहर में रणनीति तय की जाएगी।
Our party's national president already made it clear MSP must be assured to farmers. The written proposals given by Central govt yesterday included MSPs. I'll work to secure MSP to farmers as long as I'm Dy CM. I will resign when I'm unable: JJP leader Dushyant Chautala(10.12.20) pic.twitter.com/vjFVpu3niF
देशभर समेत दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर अभिनेता धर्मेंद्र ने कहा है कि वह किसान भाइयों ने तकलीफों को देखकर बेहद दर्द में हैं। सरकार को जल्द से जल्द कुछ करना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी आज से देशभर के सभी जिलों में प्रेसवार्ता और चौपाल का आयोजन कर लोगों को कृषि बिल के बारे में बताएगी। आने वाले दिनों में 700 प्रेस कॉन्फ्रेंस और 700 चौपालों का आयोजन भाजपा की ओर से किया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि सरकार और किसान दोनों को ही पीछे हटना होगा। सरकार कानून वापस ले और किसान अपने घर चला जाएगा।
अमृतसर में किसान मजदूर संघर्ष समिति के सदस्यों ने दिल्ली की तरफ कूच कर दिया है, यहां वह कृषि बिलों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के साथ आंदोलन में शामिल होंगे। दिल्ली के कुंडली बॉर्डर की ओर 700 ट्रैक्टर ट्रालियां बढ़ रही हैं। ये जानकारी किसान मजदूर संघर्ष समिति के एसएस पंधेर ने दी है।
अमृतसर की चैरिटी सेवा गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों को भोजन उपलब्ध कराती है। किसानों का कहना है कि यहां सुबह 5.00 से रात 9.00 बजे तक कितने लोग खाते हैं इसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। जब तक सरकार हमारी बात नहीं सुनती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
भारतीय किसान यूनियन ने कृषि कानूनों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। याचिका में तीनों कृषि कानूनों को चुनौती दी गई है। इससे पहले गुरुवार को किसान संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ किया कि वो कानून वापस होने तक आंदोलन खत्म नहीं करेंगे और अपनी लड़ाई तेज करेंगे। वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अपना आंदोलन खत्म करने और संशोधन प्रस्ताव पर बात करने की मांग की है।
पंजाब में किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी ने कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए कुंडली बॉर्डर के लिए अपना दूसरा जत्था रवाना करने से पहले अमृतसर के गोल्डन टेंपल में पूजा की।
टिकरी बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन 16 वें दिन प्रवेश कर गया। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा था कि सरकार किसानों के साथ आगे की बातचीत के लिए तैयार है। उन्हें अपना आंदोलन समाप्त करना चाहिए।
देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों का आंदोलन आज 16वें दिन भी जारी है। सरकार से अब तक की हुई बातचीत और मिले प्रस्तावों को संयुक्त किसान मोर्चा ने खारिज कर दिया है। फिलहाल बात बनती नहीं दिख रही है। सरकार और किसान मोर्चा ने एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल दी है। 12 और 14 दिसंबर के आंदोलन की घोषणा के बाद आगे इसके विस्तार के संकेत हैं।