अभिनेता गुरप्रीत घुग्गी आज सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिले। उन्होंने कहा, यह लड़ाई 'जमीरदारों' की है। तीनों कृषि कानून किसानों द्वारा खारिज कर दिए गए तो केंद्र को भी अब से रद्द कर देना चाहिए।
कुछ बिचौलिए, कमीशन एजेंट और राजनेता, इस आंदोलन को चला रहे हैं। कुछ लोग जिनका हित होता है होता है देश में ऐसा आंदोलन चलाते हैं। कृषि कानून किसानों के हक में हैं। ये बातें भाजपा नेता और हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम शांता कुमार ने किसान आंदोलन को लेकर कही हैं।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि कृषि के तीनों कानूनों का समर्थन करने वाले किसानों को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं आंदोलनकारी किसानों से आग्रह करता हूं कि इसका रास्ता बातचीत से ही निकलने वाला है।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जयपुर से दिल्ली आने वाली लेन अब भी बंद है क्योंकि किसान वहां बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
Farmers will be on one-day hunger strike from 8 am to 5 pm tomorrow. Dharnas will be held at all district headquarters: Farmer leader Gurnaam Singh Chidoni at Singhu border#FarmersProtest pic.twitter.com/l4xID2Rlj2
उत्तराखंड के किसानों ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिलकर तीनों कृषि कानूनों को लेकर अपना समर्थन दिया। इस दौरान कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय भी मौजूद रहे।
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर ने आज किसान आंदोलन को लेकर कहा कि आज जो भी प्रभावशाली लोग किसानों के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, वो सिर्फ इस कानून का विरोध करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने खुद इस कानून को जरूरत माना था। हम लोगों को बताएंगे और उन्हें जागरूक करेंगे कि कैसे ये कानून उनके लिए फायदेमंद हैं।
राजस्थान हरियाणा के जयसिंहपुर-खेड़ा बॉर्डर पर किसनों के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षाबलों ने बैरिकेडिंग कर रही है। प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
कांग्रेस नेता शशि थरूर जंतर-मंतर पर पंजाब के पार्टी सांसदों द्वारा आयोजित किए जा रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि यहां मेरे मित्र केंद्र सरकार से किसान संगठनों के मामले का निपटारा करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही वे शीतकालीन सत्र का भी आयोजन कराने की भी मांग कर रहे हैं जो नवंबर के तीसरे सप्ताह तक हो जाना चाहिए था।
आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने कहा कि किसानों की अपील को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने तय किया है कि हमारे कार्यकर्ता कृषि कानूनों के खिलाफ उपवास करेंगे। आईटीओ स्थित पार्टी मुख्यालय में विधायक और पार्षद सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक सामूहिक उपवास करेंगे।
किसानों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और सोम प्रकाश कुछ देर पहले गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर पहुंचे। उनके बीच किसानों के मुद्दे को लेकर बैठक चल रही है।
किसानों के प्रदर्शन के बीच आज सिंघु बॉर्डर पर तनाव कुछ बढ़ गया है। प्रदर्शन स्थल पर जगह नहीं होने के कारण कुछ किसानों ने 30-40 मीटर बढ़कर आगे जगह का घेराव किया है, हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर किसानों को रोक दिया है। इस दौरान कुछ किसान जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस बल सतर्क है।
दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाले चिल्ला बॉर्डर पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया है। बॉर्डर पर लगे बैरिकेड को खोल दिया गया है और यहां पहले की तरह ही आवाजाही शुरू हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट करने के बाद किसान संगठनों ने बॉर्डर खोलने पर सहमति जताई थी। इसके बाद शनिवार देर रात बॉर्डर खोल दिया गया।
दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर राजस्थान में दक्षिण हरियाणा के किसानों को जुटता देख पुलिस ने हाईवे को ट्रॉली लगाकर बंद कर दिया है। रविवार को राजस्थान के अनेक किसान संगठनों सहित दक्षिण हरियाणा के किसानों ने खेड़ा बॉर्डर से दिल्ली के लिए कूच करने का एलान किया है। इसके चलते ही रेवाड़ी पुलिस ने हरियाणा सीमा के खेड़ा बॉर्डर पर बैरिकेड के साथ-साथ डंपर लगाकर बंद करना शुरू कर दिया है वहीं यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है।
राजस्थान और हरियाणा को जोड़ने वाले जयसिंहपुर-खेड़ा बॉर्डर पर अन्य जगहों से किसान इकट्ठा होने शुरू हो गए हैं। एक किसान ने बताया कि यहां आज हमारा 12वां दिन है। हम राज्य के और भी किसान संगठनों के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि बड़ी संख्या में दिल्ली कूच कर सकें। हम बस कृषि कानूनों की वापसी चाहते हैं।
सिंघु बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। यहां लगातार किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि मैं शनिवार रात को यहां पहुंचा हूं। अभी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा से और भी किसान यहां आ रहे हैं। 16 दिसंबर तक सिंघु बॉर्डर पर 500 और ट्रॉलियों की जरूरत पड़ सकती है।
पंजाब के रहने वाले दो जुड़वां भाई आज गाजीपुर में धरनास्थल पर पहुंचे। वे दोनों प्रदर्शनकारी किसानों के बीच गर्म कपड़ों का वितरण कर रहे हैं। उनमें से एक भाई करणवीर ने कहा कि सड़कों पर रहना किसे अच्छा लगता है। यह संघर्ष का समय है। मैं पीएम मोदी का फैन हूं और मुझे विश्वास है कि वह समझेंगे कि किसानों के बिना देश का विकास नहीं हो सकता।
पन्नू ने कहा कि सभी किसान यूनियनों के नेता सिंघु बॉर्डर पर 14 दिसंबर को भूख हड़ताल पर बैठेंगे। हम चाहते हैं कि सरकार तीनों कृषि कानून वापस ले, हम इनमें संशोधन के पक्ष में नहीं हैं। केंद्र हमारे आंदोलन को विफल करना चाहता है, लेकिन हम इसे शांतिपूर्वक जारी रखेंगे।
दिल्ली-जयपुर हाईवे बंद करने की चेतावनी
किसान नेता कमलप्रीत सिंह ने बताया कि रविवार को राजस्थान के हजारों किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए दिल्ली आ रहे हैं। इस दौरान वे दिल्ली-जयपुर हाईवे को ब्लॉक करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हमारे आंदोलन खत्म करने के लिए कई हथकंडे अपनाए, लेकिन हमने सबको फेल कर दिया।