कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दो महीने बाद किसी मंच पर लोगों से मुखातिब हुए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण बिल में बदलाव का असर समझाने केलिए ऑस्ट्रेलिया की यात्रा और वहां के हीरे के खान की कहानी सुनाई।
जब रैली में आए किसानों व अनुभवी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कहानी सुनाकर बात आसानी से समझा गए।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने किसानों को मकान की नींव की तरह देश की नींव से जोड़कर सधे राजनीतिज्ञ की तरह बात रखी। मंच पर भट्टा पारसौल के किसानों आने अवसर भी दिया गया।
उन्होंने राहुल गांधी का स्वागत किया। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने भी उनमें से एक किसान को गले लगाया। अपने भाषण में उन्हें अपना दोस्त भी बताया। आदिवासियों के अलावा भट्टा पारसौल की एक महिला से मुलाकात भी की।